
भोपाल. आज के बच्चों मोबाइल की ओर इतने आकर्षिक व उसे चलाने में पारंगत हो चुके है कि उनका खेलना-कूदना भी इसके कारण लगभग बंद हो गया है। इसके उलट पुराने शहर के प्रसिद्ध बढ़वाले महादेव मंदिर में बच्चे सनातन संस्कृति की ओर आकर्षित ही नहीं हो रहे है बल्कि सावन सोमवार, प्रदोष और महाशिवरात्रि में डमरू और झांज आरती करने के लिए प्रशिक्षण ले रहे है। सावन के पहले सोमवार की आरती में 10 से 16 साल के बच्चे डमरू व झांज बजाकर करेंगे।
-रोजाना संध्या आरती में करते अभ्यास
संयोजक संजय अग्रवाल ने बताया गया कि यह सभी बच्चे बड़वाले महादेव मंदिर में नन्हे सेवक डमरु, झांज के साथ नियमित संध्या आरती में अभ्यास कर रहे हैं। सावन सोमवार में करेंगे डमरू,झांज, शंखनाद के साथ बाबा बटेश्वर की आरती। उन्होने बताया कि सभी नन्हे सेवक विगत 2 माह से कोचिंग पडऩे के बाद ठीक 9 बजे डमरू के साथ आरती में तैयार रहते है।
-नन्हे सेवको के नाम एवं आयु
प्रिंस पटेल 13 वर्ष
रोहन राजपुत्र 11 वर्ष
कृष्णा वर्मा 13 वर्ष
मयंक प्रजापति 14वर्ष
अबीर यादव 15वर्ष
प्रियांशु अटेले 12वर्ष
निखिल सोनी 14वर्ष
राहुल सोनी 16वर्ष
पवन गर्ग 15वर्ष
अरुण राय 13वर्ष
Published on:
09 Jul 2023 09:35 pm
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