
बिक्री के लिए बेलपत्र, मदार और बेर का लगा ढेर
भोपाल. महाशिवरात्रि पर शहर के हर मंदिर के आसपास हरियाली बिखरी है। बेलपत्र, मदार के फूल और धतूरा की दुकानें सजी हैं। किस्म-किस्म के गुलाब अपनी आभा बिखेर रहे हैं। यह सब तैयारियां महाशिवरात्रि पर शिवपूजन को लेकर हैं। बाबा भोलेनाथ प्रकृति के देवता हैं। महाशिवरात्रि पर उनका शृंगार अद्भुत होता है। शिव शंकर को रिझाने के लिए श्रद्धालु धतूरा, बेलपत्र, फूल आदि उन्हें अर्पित करते हैं। शहर और आसपास के विभिन्न मंदिरों में शनिवार को 100 क्विंटल से अधिक धतूरा, बेलपत्र और मदार भगवान भोलेनाथ को अर्पित किए जाएगा।
शहर और आसपास सात बड़े शिवमंदिर हैं। तकरीबन 200 शिवालय और छोटे मंदिर हैं।
बाबा के अर्पित करने के लिए कम से कम 50 तरह की प्रजातियो के गुलाब के फूल शहर में आए हैं।
10 रुपए में बिक रहा धतूरा
राजधानी में मंदिरों के बाहर धतूरा,बेलपत्र और मदार की थाली 10 रुपए में बिक रही है। भोपाल के आसपास के गांवों, रायसेन और सीहोर के ग्रामीण क्षेत्रों से धतूरा बिकने के लिए आया है। शहर के व्यवसायियों का कहना है सिर्फ शिवरात्रि पर हरा धतूरा सौ से ज्यादा का बिक जाता है।
धतूरा-बेलपत्र का विशेष महत्व
एस्ट्रोलॉजिस्ट अंजना गुप्ता का कहना है कि शिवपूजा में धतूरा और बेलपत्र का विशेष महत्व है। धतूरा राहु का कारक है, इसलिए धतूरा अर्पित करने से राहु संबंधी दोष जैसे-कालसर्प, पितृदोष दूर होते हैं। इसी प्रकार बेलपत्र की तीन पत्तियां, रजोगुण, सतोगुण और तमोगुण का प्रतीक हैं, इन्हें ब्रह्मा, विष्णु, महेश माना जाता है।
विषैला, लेकिन दर्द निवारक भी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज के बॉटनी के विभागाध्यक्ष डॉ. कीर्ति जैन के अनुसार धतूरा कई औषधियों में प्रयोग किया जाता है। यह विषैला होता है, लेकिन दर्द निवारक समेत कई अन्य औषधियों में इसका इस्तेमाल होता है।
Published on:
18 Feb 2023 09:14 am

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
