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एमपी में ‘1000 करोड़’ से आबाद होंगे गांव-मजरे-टोले, चकाचक होंगी सड़कें

MP News: इस तरह परियोजना के तहत कुल मिलाकर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है...

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develop hamlets in MP प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल करते हुए सुगम संपर्कता परियोजना शुरू की है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की इस योजना का उद्देश्य दूर-दराज के गांवों, ग्राम पंचायतों और 100 से अधिक आबादी वाले मजरा-टोला तथा मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना के अंतर्गत चिन्हित बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ना है। इससे अब तक अलग-थलग पड़ी बस्तियां मुख्य मार्गों और विकास की धारा से जुड़ सकेंगी।

बजट आवंटित

परियोजना के तहत बनने वाली सड़कों का निर्माण मनरेगा यानी बीवीजी रामजी योजना के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जनपद पंचायत को अधिकतम 3 करोड़ रुपये तक की स्वीकृति देने का अधिकार दिया है। साथ ही निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक राशि भी जारी कर दी गई है, ताकि योजनाओं को समय पर शुरू किया जा सके। प्रदेश में वर्तमान में 315 से अधिक जनपद पंचायतें हैं। ऐसे में प्रत्येक जनपद पंचायत को तीन करोड़ रुपये तक का बजट उपलब्ध कराया गया है।

ड्रोन से होगी निगरानी

इस तरह परियोजना के तहत कुल मिलाकर करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इस राशि से मजरा-टोला बस्तियों और सांदीपनि विद्यालयों तक पहुंचने वाली सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

सड़कों के निर्माण के लिए स्थान का चयन सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा। वहीं परियोजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों की निगरानी ड्रोन तकनीक से की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखी जा सके। सड़कों की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए सिपरी सॉफ्टवेयर के साथ आरआईएमएस का भी उपयोग किया जाएगा।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त अवि प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़ी सभी सड़कों की डीपीआर 28 मार्च तक तैयार कर ली जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क मिल सके।