23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सालों से गायब हैं हजारों डॉक्टर, ढूंढ रहा है हेल्थ विभाग

5 मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई करने के बाद 1106 डॉक्टरों का राज्य में कहीं कोई पता नहीं है। चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि, वो बीते 2 वर्षों से अपने स्तर पर इन्हें तलाशने में जुटा हुआ है।

2 min read
Google source verification
News

सालों से गायब हैं हजारों डॉक्टर, ढूंढ रहा है हेल्थ विभाग

भोपाल. मध्य प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई करने के बाद 1106 डॉक्टरों का राज्य में कहीं कोई पता नहीं है। चिकित्सा शिक्षा विभाग का कहना है कि, वो बीते 2 वर्षों से अपने स्तर पर इन्हें तलाशने में जुटा हुआ है। लेकिन, कमाल ये है कि, मध्य प्रदेश से डिग्री हासिल करके रजिस्ट्रेशन कराने वाले डॉक्टरों का अबतक कहीं कोई पता नहीं चल सका है। इसपर अब कहीं जाकर मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल ने मुस्तैद कदम उठाते हुए संबंधित डॉक्टरों को 15 दिन का अल्टीमेटम लेटर जारी किया है। अल्टीमेटम के तहत डॉक्टरों से कहा गया है कि, अगर तय समय सीमा में वो विभाग से संपर्क नहीं करते हैं तो उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिया जाएगा।


दरअसल, सरकारी कॉलेजों में मेडिकल के छात्रों की फीस निजी कॉलेजों के मुकाबले कम लगती है। इसका कारण स्पष्ट है कि, अधिकतर खर्च इसमें सरकार ही वहन करती है। हालांकि, इसके बदले में सरकार की ओर से ये शर्त होती है कि, डिग्री पूरी होने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ही सेवाएं देनी होगी। ऐसे में जो भी छात्र सरकार की इस शर्त को नहीं मानना चाहता तो सरकार भी उसकी पढ़ाई पर खर्च होने वाली राशि को उनसे जमा करा लेती है।

यह भी पढ़ें- हत्या के जुर्म में 18 साल से जेल में बंद है शिक्षक, फिर भी वेतन देता रहा शिक्षा विभाग, ऐसे हुआ खुलासा


प्रदेश के इन कॉलेजों से पास हुए हैं 1106 डॉक्टर

पता चला है कि पिछले 10 वर्षों में भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज समेत इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा के मेडिकल कॉलेजों से पास हुए 1106 डॉक्टरों ने बांड की शर्तों का पालन ही नहीं किया और लापता हो गए। बताया जा रहा है कि, सरकार उन्हें बीच बीच में लिखकर इसका जवाब मांगती रही, लेकिन उन डॉक्टरों की तरफ से अबतक कोई जवाब नहीं मिला है।

यह भी पढ़ें- किरायेदारों को सरकार की बड़ी राहत, 100 रुपये के स्टाम्प पर ही मान्य होगा रेंट एग्रीमेंट, जानें नियम


क्या कहते हैं जिम्मेदार ?

इस संबंध में मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ.आरके निगम का कहना है कि, 10 वर्षों से संबंधित डॉक्टर गायब हैं। इस संबंध में पिछले दो साल से नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन उन नोटिस का कहीं से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। एडवोकेट अजय गौतम का कहना है कि नोटिस की तामील के लिए यदि मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल पुलिस की मदद लेगी तो सारे डॉक्टरों का जवाब मिल जाएगा। ये बात और है कि, मेडिकल काउंसिल वाले मामले को लंबा खींचना चाहते हों।

महिला अधिकारियों ने थाने में किया ऐसा डांस, जमकर मची धूम, देखें वीडियो