
Migratory birds
भोपाल। राजधानी में हर साल अक्टूबर की शुरुआत में ही कई प्रवासी पक्षी आना प्रारंभ हो जाते हैं, लेकिन इस बार शहर में हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश के चलते बड़ा तालाब सहित सभी तालाब लबालब हैं। ऐसे में प्रवासी पक्षी यहां का रूख नहीं कर रहे। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश राज्यों में प्रवासी पक्षियों का माइग्रेशन शुरू हो चुका है, लेकिन भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में माइग्रेशन देखने को नहीं मिल रहा, चूंकि मछलियां व अन्य जीव-जंतु ही इनका भोजन होते हैं। पानी ज्यादा होने से उन्हें शिकार करने में परेशानी होगी, ऐसे में वे यहां नहीं रूक रहे।
ओरिएंटल डार्टर दक्षिण से पहुंचे
खालिक के अनुसार इन दिनों वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय प्रवासी पक्षी ओरिएंटल डार्टर जरूर दिंखाई दे रहा है। इस पक्षी को सर्प पक्षी भी कहा जाता है। यह लंबी गर्दन वाले पक्षी संकटग्रस्त प्रजाति के हैं। यह दक्षिण भारत से प्रवास कर यहां आते हैं। यह पक्षी लगभग तीन की संख्या में दिखाई दे रहे हैं।
12 हजार किलोमीटर तक की दूरी तय कर आते हैं यहां
पक्षी विशेषज्ञ मोहम्मद खालिक के अनुसार पक्षियों में कई प्रजातियां लंबी दूरी से प्रवास कर शहर में आती हैं। इनमें साइबेरिया, रूस, चीन, पेलीआर्टिक क्षेत्र, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रिया जैसे देश शामिल है। कुछ पक्षी प्रजातियां देश के अन्य राज्यों से भी यहां आती हैं जिन्हें स्थानीय प्रवासी भी कहा जाता है। वर्ष 2021-22 में भी रेड क्रेस्टेड पोचार्ड, कॉमन पोचार्ड, यूरेशियन विजन, व्हिस्टलिंग डक, स्पॉट बिल डक, कॉमन इस्निप, रोसी स्टर्लिंग, ब्राउन हेडेड गल्ल, ब्लैक रेड्स्टार्ट सहित अन्य प्रजातियों को चिन्हित किया गया था। इस वर्ष जलीय क्षेत्र लबालब होने से नवंबर अंत या दिसंबर की शुरुआत में ही माइग्रेटरी बर्ड्स यहां आएंगे।
Published on:
09 Oct 2022 01:35 pm
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