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MP News: 135 अवैध कॉलोनियां चिन्हित, अब डायवर्जन कर कॉलोनी बनाना होगा बंद

MP News: कृषि भूमि या अन्य भूमि को राजस्व अफसरों के माध्यम या ऑनलाइन फीस जमा करके उपयोग का बदलाव करना थोड़ा कठिन होगा।

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Illegal Colonies

Illegal Colonies प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: भोपाल शहर में जमीन का डायवर्जन भी डिजिटल रजिस्ट्री की तरह रजिस्टर्ड होगा। पंजीयन के साथ मिलकर राजस्व विभाग इस पर काम कर रहा है। इससे एसडीएम कार्यालय से जमीनों का डायवर्जन करवाकर कॉलोनियां विकसित करने पर रोक लगेगी। अभी लैंड रिकॉर्ड के पोर्टल पर ऑनलाइन शुल्क जमा करके डायवर्जन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। रजिस्टर्ड डायवर्जन से मनमानी पर रोक लगेगी।

बता दें, 2020 के पहले तक डायवर्जन आसान नहीं था। तहसील में आवेदन के बाद संबंधित क्षेत्र को प्लानिंग के आधार पर जांच कर रिपोर्ट दी जाती थी। इसके बाद इसे डायवर्ट कर उपयोग बदलते थे। ऐसे में आसानी से किसी जमीन पर अन्य उपयोग के लिए काम नहीं किया जा सकता था। ऑनलाइन राशि जमा कर डायवर्जन कराने से शासन को राजस्व बढ़ा, लेकिन मनमाने डायवर्जन से अवैध कॉलोनी की संख्या बढ़ी है।

डायवर्जन को लेकर शासन स्तर से समीक्षा की गई। पंजीयन व राजस्व मिलकर इस पर काम कर रहे हैं। आमजन व संबंधित जिले को लाभ होगा। संजीव सिंह, संभागायुक्त

डिजिटल रजिस्ट्रेशन से ऐसे मिलेगा लाभ

कृषि भूमि या अन्य भूमि को राजस्व अफसरों के माध्यम या ऑनलाइन फीस जमा करके उपयोग का बदलाव करना थोड़ा कठिन होगा। इसमें मास्टर प्लान के नियमों, मौजूदा लैंड यूज के साथ डायवर्जन से बढऩे वाली संवेदनशीलता की स्थिति जाहिर करना होगी। सबसे बड़ा लाभ कृषि भूमि पर सिर्फ डायवर्जन कर कॉलोनी बनाना बंद होगा।

अभी ये स्थिति

जिले में इस समय हुजूर तहसील में ही 135 अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं। ये कृषि भूमि डायवर्जन वाली है। डायवर्जन के बाद जरूरी टीएंडसीपी ले आउट व संबंधित निकाय की अनुमति नहीं है। सभी आठ नजूल में 400 से अधिक अवैध कॉलोनियां है।

लोक सेवा गारंटी केंद्रों में होंगे बटांकन, नामांतरण जैसे काम

लोगों को राजस्व संबंधित अपने कामों के लिए नजूल कार्यालयों में अफसरों के नहीं मिलने की दिक्कत का सामना नहीं करना होगा। उन्हें यहां लोक सेवा गारंटी केंद्र मिलेंगे। इनके माध्यम से नामांतरण, सीमांकन, बटांकन समेत अन्य राजस्व वाले काम हो जाएंगे। प्रशासन जिले में अब नजूल कार्यालयों पर ही लोक सेवा गारंटी केंद्र तय करने जा रहा है, ताकि आमजन अपने काम के लिए यहां सीधे पहुंचे। दिक्कत आने पर तहसील के उच्चाधिकारियों से वहीं मुलाकात करके परेशानी का निराकरण कर लें।

बदलाव से बढ़ेगी आम आवाजाही

प्रशासन का उद्देश्य है कि नजूल कार्यालय आमजन की आवाजाही का केंद्र यानी यूटिलिटी स्पेस की तरह विकसित हो। अगले दो से तीन माह में यहां व्यवस्था हो सकती है। अभी जिले में तीन लोक सेवा गारंटी केंद्र है, जहां आधार अपडेट से लेकर आमजन से जुड़ी 32 सेवाओं के आवेदन करने और प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया कराई जाती है।