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17 महिला शक्ति को मिला अमृत शक्ति सम्मान

अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने विश्व संवाद केंद्र में किया अमृत शक्ति सम्मान समारोह का आयोजन

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17 महिला शक्ति को मिला अमृत शक्ति सम्मान

भोपाल। अखिल भारतीय साहित्य परिषद का नव संवत्सर के अवसर पर अमृत शक्ति सम्मान समारोह विश्व संवाद केंद्र में आयोजित किया गया। परिषद की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. साधना बलवटे ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी सदैव शक्ति का प्रतीक रही है।

वर्तमान समय में प्रत्येक क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाली नारी शक्ति का सम्मान करना भारतीय नव वर्ष के अवसर पर अत्यंत ही गौरवपूर्ण अनुभूति है। उन्होंने इस अवसर पर मैं जननी हूं जगत नहीं हूं माया का पर्याय नहीं हूं मैं अंतर की अनुभूति हूं काया का अध्याय नहीं हूं... रचना भी पढ़ी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ रंगकर्मी स्वस्तिका चक्रवर्ती थी। अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. बिनय राजाराम ने की। वहीं, संचालन सुनीता यादव ने किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र शर्मा अक्षर ने शब्द सुमन से अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ व्यंग्यकार विजया तैलंग, बाल साहित्यकार श्यामा गुप्ता, वरिष्ठ साहित्यकार उषा सक्सेना को अमृत शक्ति सम्मान प्रदान किया गया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली नारी शक्तियों का भी सम्मान किया गया।

साहित्य के क्षेत्र में डॉ. कुमकुम गुप्ता, संगीत में दिव्यता गर्ग, निर्मला उपाध्याय, नृत्य के क्षेत्र में रश्मि पांडे, सुषमा मिश्रा वरिष्ठ अभियंता सौम्या पांडे, शिक्षा के क्षेत्र में अपर्णा सिद्धभट्टी, रीना श्रीवास्तव, योग के क्षेत्र में डॉ. प्रेमलता सरीन, वास्तुविद रागिनी उपलपवार, समाज सेवा क्षेत्र में शिल्पा लाम्बोर, चित्रकला में शोभा घारे को सम्मानित किया गया। वहीं, नेपथ्य की शक्ति के रूप में हरजीत कौर कुकरेजा और रामा तिवारी को सम्मानित किया गया। आभार प्रेमचंद गुप्ता ने व्यक्त किया।