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मेट्रो के रूट से शिफ्ट होनी है 170 आरा मशीनें, जमीन में मशीन उतारने 40 मीटर जगह होगी खाली, इधर चांदपुर में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हुईं

- 1950 से पहले बसा है टिंबर बाजार, अब आ गया है भीड़ भाड़ में, बाजार के नीचे अंडर ग्राउंड जाएगी मेट्रो

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मेट्रो के रूट से शिफ्ट होनी है 170 आरा मशीनें, जमीन में मशीन उतारने 40 मीटर जगह होगी खाली, इधर चांदपुर में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हुईं

- 1950 से पहले बसा है टिंबर बाजार, अब आ गया है भीड़ भाड़ में, बाजार के नीचे अंडर ग्राउंड जाएगी मेट्रो

भोपाल. एम्स से सुभाष नगर तक 6.22 किमी मेट्रो के रूट पर काम चल रहा है। पिलर आकार लेते जा रहे हैं। मेट्रो के जंक्शन बोगदा पुल से आगे भारत टॉकीज तक अधिकारियों ने अलॉयमेंट सर्वे फरवरी में ही कर लिया है। टिंबर कारोबारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चांदपुर में जहां आरा मशीनों की शिफ्टिंग की जानी है , वहां जिला उद्योग केंद्र अभी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं कर सका है। टिंबर कारोबारी बताते हैं यहां पांच साल में तीन से चार बार शिफ्टिंग के प्रयास किए गए, लेकिन नहीं हो सकी। ये बाजार 1950 से भी पहले का है, पिछले दस वर्षों से इसे यहां से शिफ्ट करने के प्रयास हो रहे हैं। सात साल पहले जमीन चांदपुर में तय की गई। व्यापारी प्लॉट आवंटन के रुपए तक जमा कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई पहल नहीं हो रही।

इधर कंपनी अधिकारियों का कहना है कि वे अगले छह माह में यहां अंडर ग्राउंड मशीनें उतारकर काम शुरू कर देंगे। बोगदापुल से लेकर भारत टाकॉज तक आरा मशीनें लगी हैं। यहां बोगदा पुल जंक्शन से ही मेट्रो का रूट अंडर ग्राउंड हो जाएगा। इस एरिया में बरखेड़ी, क्रॉसिंग, भारत टॉकीज, अल्पना तिराहा (रेलवे स्टेशन), नादरा से आगे सिंधी कॉलोनी तक मेट्रो का रूट अंडर ग्राउंड है। इस कारण यहां ज्यादा जगह भी खाली करानी होगी। इसके आगे फिर से मेट्रो पिलर पर आएगी।

शाही औकाफ की जमीन पर मेट्रो का रूट
मेट्रो मशीनें उतारने के लिए यहां कम से कम 40 मीटर से ज्यादा जगह की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में बोगदा पुल के आगे से काफी बड़ा हिस्सा लिया जाएगा। अंडर ग्राउंड स्टेशन बनाने के लिए भी अधिक जगह की जरूरत होती है। ऐसे में यहां काफी जमीनें शाही औकाफ से भी लेनी होगी। क्योंकि काफी संख्या में आरा मशीनें औकाफ की जमीनों पर लगी हैं। वे यहां किराएदार के रूप में बैठे हैं। कुछ मशीनें निजी खसरों पर भी ली हैं।

लेट होगा मेट्रो का काम

आरा मशीन शिफ्टिंग को लेकर अपनाई जा रही धीमी प्रक्रिया से मेट्रो के आगामी रूट पर निर्माण की प्रक्रिया धीमा पड़ सकती है। क्योंकि जिनके ऊपर चांदपुर को डवलप कर वहां लाइट और पानी जैसी मूलभूत जरूरत करने की जिम्मेदारी है, वे ही हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

व्यापारी तैयार, विभाग पहल नहीं कर रहा
भोपाल का ये पहला मार्केट है जो 1950 से पहले का है, व्यापारी अपनी तरफ से प्लॉटों के रुपए तक जमा कर चुके हैं। लेकिन विभाग की तरफ से वहां अभी कोई व्यवस्था नहीं हुई। ऐसे में व्यापारी वहां कैसे जाएगा।

- इरशाद अली खान, टिंबर कारोबारी

अधिकारियों से चर्चा करेंगे
शिफ्टिंग को लेकर कहां क्या परेशानी आ रही है इस पर अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। जल्द ही इसकी रिव्यू बैठक की जाएगी।

कवींद्र कियावत, संभागायुक्त