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प्रस्ताव में अटके सांसद निधि के दो करोड़ रुपए

भोपाल सांसद के 25 में से 10 करोड़ के काम अधूरे

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भोपाल. सांसद आलोक संजर के गोद लिए गांव बदहाल रह गए। निधि से उनकी मेहरबानी संघ संचालित सरस्वती विद्यालयों पर बरसती रही। भोपाल डेंगू और स्वाइन फ्लू जैसी गंभीर बीमारियों से जूझता रहा, पर सांसद ने इनसे निपटने के इंतजाम को प्राथमिकता नहीं दी। जबकि, निधि के करीब दो करोड़ रुपए खाते में ही पड़े रह गए। तीन करोड़ रुपए सरकारी विभागों के प्रस्तावों में ही अटके हुए हैं। निधि के कुल 25 करोड़ में से 15 करोड़ के काम ही पूरे हुए हैं। 10 करोड़ के कार्य या तो अधूरे हैं या फिर जमीन पर ही नहीं उतरे।
सांसद निधि के खर्च के मामले में संजर के शुरुआती साल ठीक रहे। इसके बाद मामला प्रस्ताव में ही उलझता रहा। 2018-19 की सांसद निधि के ढाई करोड़ रुपए के कार्यों के प्रस्ताव जनवरी 2019 में भेजे गए। सांसद का तर्क था कि विधानसभा चुनाव आचार संहिता के चलते राशि जारी होने में बिलंब हुआ, जबकि इससे पहले के सालों में भी प्रस्ताव देरी से भेजे जाते रहे हैं। भाजपा सांसद संजर को 2016-17 और 2017-18 मे 10 करोड़ रुपए सांसद निधि मिली। इसमें से वे दो साल में पांच करोड़ रुपए ही रिलीज करवा पाए। सत्र 2017-18 के ढाई करोड़ रुपए तो 19 जनवरी 2019 को जारी हुए हैं। इसा उपयोग निर्माण कार्यों में हुआ।
- सड़क व सामुदायिक भवन पर खर्च की राशि
वर्ष 2016-17 में 47 काम स्वीकृत किए गए। इनके लिए 1.58 करोड़ रुपए जारी किए गए और 1.53 करोड़ रुपए खर्च हुए। सबसे बड़े काम 10-10 लाख रुपए जिंसी रविदास मंदिर के पास सामुदायिक भवन, चित्रगुप्त समाज जवाहर चौक पर सामुदायिक भवन और महाराणा प्रताप सामाजिक एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट के भवन पर खर्च किए।

- दो साल से काम अधूरे
वर्ष 2017-18 में पहले चरण में 2.6 करोड़ के कार्य मंजूर कराए, जिसमें से 1.44 करोड़ रुपए का ही काम हो पाया। इस अवधि में 36 काम स्वीकृत किए गए, जिनमें 14 का काम पूरा नहीं हुआ। सबसे अधिक काम सड़क निर्माण, नाली निर्माण व सामुदायिक भवन निर्माण करवाए गए। वार्ड 65, 66 और 67 में 10-10 लाख रुपए से सामुदायिक भवन स्वीकृत किए गए, लेकिन अभी काम बाकी है।
- इन्हें नहीं मिली गति
इंद्रप्रस्थ नगर पहुंच मार्ग, रतनपुर के लिए 13 लाख रुपए दिए, लेकिन काम अधूरा है। वहीं, सामुदायिक भवन सिद्देश्वरी शिवाजी नगर, आरसीसी नाला निर्माण, 7 नंबर बस स्टॉप के लिए रुपए दिए, लेकिन काम अधूरे हैं।

इन संस्थाओं पर रही मेहरबानी
- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ग्राम भारती शिक्षा प्रकल्प ग्राम शाहपुरा और बैरसिया 20 लाख रुपए से भवन निर्माण करवाया।
- बलदेव भंडारी सेवा विद्या मंदिर गोविंदपुरा के दो कमरे बनाने के लिए 20 लाख रुपए खर्च किए। यह स्कूल सेवा भारती मध्यभारत से जुड़ा है।
- महाराणा प्रताप सामाजिक एवं सांस्कृतिक ट्रस्ट के भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए दिए।
- कक्ष निर्माण के लिए सरस्वती विद्या मंदिर को पांच लाख रुपए स्वीकृत किए, लेकिन 2.5 लाख खर्च किए गए।
- 10 लाख रुपए से सरस्वती विद्या मंदिर बाल कल्याण समित जहांगीराबाद अशोका गार्डन में कक्ष निर्माण पर खर्च की गई।

मैंने पूरे 25 करोड़ के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। पिछले सालों की कुछ निधि अटकी हुई है। इस संबंध में मैंने शुक्रवार को कलेक्टर से चर्चा की है। एक दो दिन में रुपए आ सकते हैं। मेरी तरफ से कोई प्रस्ताव लंबित नहीं हैं।
- आलोक संजर, सांसद, भोपाल