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2000 साल पुराना मार्शल आर्ट, मणिपुर का बना लोकप्रिय खेल

मणिपुर के दो सौ वर्ष पुराने मार्शल आर्ट फनोबा का 30 से अधिक खिलाडिय़ों ने किया प्रदर्शन
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2000 साल पुराना मार्शल आर्ट, मणिपुर का बना लोकप्रिय खेल

भोपाल। कंधे और बाजुओं के बल चार व्यक्तिओं को उठाकर बैलेंस बनाना, तलबार के साथ विरोधी पर हमला, रंगीन रिंग के साथ बैलेंस, हमलावार के साथ रक्षात्मक प्रदर्शन। ये सब देखने को मिला गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम में। यहां चल रहे समर कैंप के दौरान बच्चों के लिए मणिपुर के दो सौ वर्ष पुराने मार्शल आर्ट फनोबा का प्रदर्शन किया गया, जिससे देखकर यहां मौजूद खिलाडिय़ों और दर्शकों ने दातों तले उंगलियां दबा ली। इस लाइव प्रदर्शन से सभी को रोमांचित कर दिया। कुल तीन घंटे चले इस शो में 30 से अधिक खिलाडिय़ों ने अपने-अपने हैरतंगेज करतब दिखाए।

शारीरिक दक्षता और कुशलता जरूरी
यह प्रदर्शन फिटनेस ट्रेनर और वल्र्ड फनोबा फेडरेशन के रणवीर सिंह लायसराम के मार्गदर्शन में किया किया। इस मौके पर रणवीर ने बताया कि यह मार्शल आर्ट युद्धकला में यूज किया जाता था। लेकिन अब यह एक खेल बन गया है। इसमें पूरी तरह से शारीरिक दक्षता और कुशलता को हासिल करने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि इसमें महिल और पुरुष दोनों ही प्रदर्शन करते हैं। बस खिलाडिय़ों को फिट होना चाहिए।

व्यायाम में भी किया जाता है उपयोग

उन्होंने बताया कि फनोबा में खिलाडिय़ों को न केवल किक, पंच के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होती है। सेल्फ डिफेंस स्किल्स के लिए इसकी टे्रनिंग भी दी जाती है। इसका उपयोग स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग के लिए व्यायाम में भी किया जाता है।