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जाम से मुक्ति दिला सकता है भोपाल का 22 किमी का यह रास्ता

सिर्फ 15 मीटर की सड़क का ही उपयोग, हमेशा खाली पड़ा रहता है , सड़क पर लग रहा जाम  

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भोपाल. बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानि बीआरटीएस पर भोपाल नगर निगम से लेकर शासन प्रशासन तक कोई निर्णय नहीं ले पाया है। इंदौर ने बीआरटीएस की सभी लेन को रात के समय खुली रखने का निर्णय ले लिया लेकिन भोपाल अब तक इस पर निर्णय नहीं कर पाया। बीआरटीएस प्रायः खाली रहता है, यहां से इक्का-दुक्का वाहन ही गुजरते हैं जबकि बाजू की सड़क पर जाम लगा रहता है.

प्रशासनिक अमले की उलझन रोड से गुजरने वालों की परेशानियां बढ़ा रही - भोपाल के प्रशासनिक अमले की उलझन रोड से गुजरने वालों की परेशानियां बढ़ा रही है। सिस्टम के बीच में डेडिकेटेड लेन पूरी तरह खाली रहती है। इक्का दुक्का बसें निकलती है जबकि मिक्स लेन में ट्रैफिक काफी अधिक रहता है। यहां जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। बावजूद इसके बीआरटीएस को लेकर निर्णय नहीं किया जा रहा।

30 मीटर चौड़ाई तक का कॉरीडोर होने के बावजूद बमुश्किल 15 मीटर का ही उपयोग - 30 मीटर चौड़ाई तक का कॉरीडोर होने के बावजूद लोग बमुश्किल 15 मीटर का ही उपयोग कर पा रहे हैं। डेडिकेटेड लेन में अन्य वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके किनारे सर्विस लेन को आसपास के दुकानदारों ने पार्किंग स्थल बना रखा है। इससे ही दिक्कत बढ़ रही है। जबकि मंत्री भूपेंद्र सिंह तक नगर निगम समेत शासन स्तर से घोषणा कर चुके हैं कि बीआरटीएस को आम वाहनों के लिए खोला जाए।

भोपाल में मिसरोद से लेकर बैरागढ़ सीहोर नाका तक करीब 22 किमी लंबा बीआरटीएस- भोपाल में मिसरोद से लेकर बैरागढ़ सीहोर नाका तक करीब 22 किमी लंबा बीआरटीएस है। ये मिसरोद से नर्मदापुरम रोड लिंक रोड से पोलीटेक्रिक, पुराने शहर से लेकर संत हिरदाराम नगर तक इससे लोग परेशान है।