22 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गांवों में मिले कोरोना के 34 हजार संदिग्ध मरीज, इनमें 37 फीसदी महिलाएं

एक महीने की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, अब पंचायत सचिवों, ग्राम सहायकों को क्वारंटीन केंद्रों की जिम्मेदारी दी।

2 min read
Google source verification
raste_band1.jpg

भोपाल. सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों में एक माह के अंदर 34 हजार से ज्यादा संदिग्ध कोरोना मरीज चिह्नित किए गए हैं। इनमें लगभग 25 हजार क्वारंटीन हैं। 37 फीसदी महिलाएं संदिग्ध मरीजों में शामिल हैं। दस हजार से ज्यादा मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। संक्रमण को देखते हुए पंचायत एवं ग्रमीण विकास विभाग ने गांवों में 22500से ज्यादा क्वारंटीन सेंटर बनाए हैं। इनमें करीब सवा दो लाख बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।

Must see: MP में कोरोना के ताजा आंकड़े

इन क्वारंटीन केंद्रों में व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित पंचायत सचिवों और ग्राम सहायकों को दी गई है। यही इन मरीजों को तबीयत ज्यादा बिगडऩे पर अस्पतालों में भर्ती कराने के साथ ही मेडिकल किट उपलब्ध कराने का काम करते हैं। 17 हजार पंचायत कर्मियों को कोरोना के इलाज संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है।

Must see: कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं करेंगे

21 हजार लोगों की होनी है जांच
संभावित संक्रमितों में से 21 हजार 621 लोगों की अभी कोरोना जांच होनी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के लैब टेक्नीशियन शिविर लगाकर जांच कर रहे हैं। बताया जाता है कि बीस दिन के अंदर करीब 12 हजार लोगों के सैम्पल लिए गए हैं। इनमें महज 10 हजार लोगों की ही रिपोर्ट आ पाई है। इनमें से करीब 83 फीसदी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

बीस अप्रेल के बाद तेजी से बढ़े संक्रमित
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा संक्रमित 20 अप्रेल के बाद से बढ़े हैं। इस दौरान हर दिन 3-3 हजार से ज्यादा संदिग्ध मरीज मिले। हालांकि पिछले दो दिन में नए दो हजार से 1500 के करीब मिल रहे हैं।

Must see: अस्थियां लेने आए परिजनों को श्मशान में गुजारनी पड़ती है रात

अगर आकड़ो पर नजर डालें तो कुल संदिग्ध मरीज 34,071 है जिनमें पुरुष मरीज 21,435 है एवं महिला मरीजों की संख्या 12,625 है। पंचायत क्षेत्र निवासी मरीजों की संख्या 30,659 है। गांव में अन्य राज्यों से लौटे श्रमिकों की संख्या 2,855 है ।

टॉप 5 जिले में संदिग्ध केस (ग्रामीण क्षेत्र)

























देवास
3800
बालाघाट 2577
खरगोन 2337
बड़वानी 1723
इंदौर 1696