
4-lane Bypass: नागपुर, इटारसी से सीहोर- इंदौर की ओर जाने वाले ट्रकों की नर्मदापुरम रोड समेत शहर के अन्य रास्तों पर आवाजाही रोकने के लिए पश्चिमी बायपास बनाया जा रहा है। इसमें 45 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी। एमपीआरडीसी के इस प्रोजेक्ट के लिए जिला प्रशासन ने जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया है। इस चार लेन रोड के लिए कुल 376 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। यहां के करीब 400 भू स्वामी अपनी जमीनें बचाने के लिए प्रशासन से गुहार कर चुके हैं।
भौंरी, फंदा कला, झागरिया खुर्द, मुंडला, सरवर, समसपुरा, आमला, खोखरिया, जाटखेड़ी, दुबड़ी, रसूलिया घाट, बोरखेड़ी, अमरपुरा, समसगढ़, नरेला, काकडिया, टीलाखेड़ी, पंचामा, शोभापुर जहेज, गोल, कालापानी, मजीदखेड़ा, भानपुर केकडिया, बोरखेड़ी, पिपलिया धाकड़, मुंगालिया घाट, बरखेड़ा बोंदर, दौलतपुर ठिकरिया, झिरनिया, मिरपुर विरान, दौलतपुर टिकरिया, मुंगालिया हाट व अन्य।
पश्चिमी बायपास से जो लोग राहत की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें जून में इसका काम जमीन पर आने की स्थिति नजर आएगी। भू अर्जन की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण है। आपत्तियों का निराकरण भी किया जा रहा है। मंडीदीप के पास से इसका काम शुरू होगा। अभी 12 स्पॉट पर जमीन मिल गई है। पहले इनपर काम पूरा करेंगे। जैसे जमीन क्लियर होती जाएगी, सड़क काम बढ़ेगी।
पश्चिमी बायपास को लेकर क्षेत्रीय विधायक रामेश्वर शर्मा आपत्ति कर चुके हैं। वे इसकी डिजाइन व डिजाइन में बदलाव कर खजूरी के पास बन रहे एक्सीडेंट जोन को खत्म करने की बात कहते हैं। फिलहाल पूरा प्रशासन जमीन अधिग्रहण में लगा है, इसी बीच इस आपत्ति का निराकरण करना है।
एमपीआरडीसी 41 किमी लंबा पश्चिमी बायपास बना रहा है। ये भोपाल से शुरू न होकर मंडीदीप के पास से इंदौर रोड की ओर निकलेगा। नर्मदापुरम रोड 11 मिल पर खत्म हो जाता है। यदि ये 11 मिल से ही आगे इसे बढ़ाकर भोपाल के आसपास पूरा किया जाता तो मुबारकपुर-11 मिल बायपास से जुड़कर ङ्क्षरग रोड का काम करता।
मौजूदा बायपास को रिंग रोड की तरह पूरा करने के लिए कोलार से होते हुए रातीबड़ से आगे इंदौर रोड पर भौंरी बायपास से जोडऩा होगा। प्रस्तावित पश्चिमी बायपास पर पहुंचने के लिए 11 मिल से करीब 20 किमी आगे मौजूदा मंडीदीप रोड से जाना होगा। यहां के बाद नए बायपास की प्रस्तावित लाइन आएगी। ये भी खजूरी सड़क बाजार के बाद सर्विस रोड की तरह होगी। भोपाल एकमात्र राजधानी है जिसकी ङ्क्षरग रोड पूरी नहीं है। इंदौर में दो से तीन ङ्क्षरग रोड है। अन्य प्रदेशों की राजधानियों में ङ्क्षरग रोड है, लेकिन भोपाल में ऐसा नहीं है।
पश्चिमी बायपास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। इसके बाद एमपीआरडीएस अपने तय ले आउट से काम करेगी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर
Published on:
16 May 2024 10:41 am
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