
भोपाल. राजधानी भोपाल में आधा दर्जन से अधिक विभिन्न खेल अकादमी हैं। देश की पहली ई-स्पोर्टस अकादमी के अलावा दुनिया की सर्वश्रेष्ठ अकादमी भी मौजूद है। लेकिन आश्र्चयजनक बात यह है कि यहां के लड़के-लड़कियों में खेल के प्रति रुचि बहुत कम है। अलबत्ता राजधानी के बच्चों की पहली पसंद सेना में कॅरियर बनाने की है जबकि लड़कियां डॉक्टर बनना चाहती है। यह चौकाने वाले खुलासे एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट यानी असर (एएसईआर) 2023 की सर्वेक्षण रिपोर्ट में सामने आए हैं।
यह है भविष्य के कर्णधारों की चाहत
रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल में 2.4 प्रतिशत लड़के और 5.8 प्रतिशत लड़कियां कोई 'काम नहीं करना चाहते। खिलाड़ी बनने में भी लड़कियों की रुचि नहीं हैं। जबकि, खेल में कॅरियर बनाने के बारे में सोचने वाले लड़कों की संख्या भी मात्र 0.7 प्रतिशत ही है। जबकि, लड़के जहां कभी इंजीनियरिंग को पहली प्राथमिकता देते थे, अब वहीं वे पुलिस और सशस्त्र बल में कॅरियर बनाना चाहते हैं। 15.1 प्रतिशत लड़के सेना में शामिल होना चाहते हैं। 13.3 प्रतिशत की चाहत पुलिस में शामिल होने की है। महज 8 प्रतिशत बच्चे ही डॉक्टर बनना चाहते हैं। जबकि, 17 फीसदी लड़कियों ने डॉक्टर बनना पसंद किया। 11.2 प्रतिशत टीचिंग को अपने भविष्य के कॅरियर विकल्प के रूप में चुनना चाहते हैं।
14 से 18 वर्ष के बच्चों पर सर्वे
असर सर्वेक्षण के दौरान 14 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों से उनके पेशे के बारे में पूछा गया कि वे भविष्य में क्या बनना वाहते हैं। जिन युवाओं ने अपनी शिक्षा बंद कर दी है, उनमें पुरुष और महिलाओं ने ऐसा करने के लिए अलग-अलग कारण बताया। लगभग एक चौथाई पुरुष 'रुचि की कमी को कारण बताया, जबकि लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं ने पारिवारिक बाधाओं की वजह से पढ़ाई छोड़ दी।
छात्रों से यह भी सवाल
सवाल: क्या आप अपने गांव में दोस्तों के साथ खेलते हैं?
जवाब: जब हम छोटे थे तो खेलते थे, अब नहीं।
सवाल-शाम को अपने गांव में क्या करते हैं? क्या घूमने जाते हैं?
जवाब: हमें पर्याप्त समय नहीं मिलता। जब तक घर का काम खत्म होता है तब तक बहुत देर हो जाती है।
सवाल- क्या स्कूल आना पसंद है?
जवाब: सभी (एक साथ) हां।
सवाल: स्कूल में सबसे ज्यादा क्या पसंद है?
जवाब- दोस्तों से मिलना।
Published on:
20 Jan 2024 01:05 am
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