16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

5वीं पास बना DGP कार्यालय का ‘अफसर’, पुलिस अधिकारियों से ही कर डाली धोखाधड़ी

सिक्योरिटी गार्ड वायरलेस से सुनता था पुलिस की कार्यप्रणाली
less than 1 minute read
Google source verification
gettyimages-1397822010-170667a.jpg

cheated

भोपाल। राजधानी में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने डीजीपी कार्यालय का ऑफिसर बनकर धोखाधड़ी करने वाले को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 50 से ज्यादा शासकीय अधिकारी व कर्मचारी की कॉन्टैक्ट लिस्ट मिली है। आरोपी इंदौर के होटल में गार्ड की नौकरी करता था।

पुलिस अधिकारियों की गाड़ी में लगे वायरलेस सेट से पुलिस की कार्यप्रणाली के बारे में सुनकर धोखाधड़ी करने की योजना बनाई। सब-इंस्पेक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति अज्ञात नंबर से खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी बताकर सस्पेंड करने व ट्रांसफर करने के नाम पर पैसे मांग रहा है। पुलिस ने हरदौली थाना पनवार, रीवा के रहने वाले 5वीं पास बुद्धसेन मिश्रा (29) पुत्र रामनिरंजन मिश्रा को गिरफ्तार किया।

ट्रांसफर व जांच के नाम पर मांगता था रुपए

एडीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी ने वायरलेस सेट से पुलिस की कार्यप्रणाली को सुना। गूगल से सभी कंट्रोल रूम के नंबर निकाले और जिलों में तैनात एसआरसी बाबू का नंबर लिए। इसके बाद ट्रांसफर होने वाले शासकीय अधिकारी व कर्मचारी की जानकारी ली। फिर संबंधित व्यक्ति को कॉल करके फोन पर बात करने का आदेश देता और फोन आने पर आवेदन पर बात करके पैसों की मांग करता। आरोपी के लहजे के कारण पहले किसी को शक नहीं हुआ। इसलिए कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। बाद में मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।