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60 फीसदी मैरिज गार्डन में नहीं एसटीपी, बाहर निकाल रहे अनट्रीट वॉटर, 40 तो बिना अनुमति के चल रहे

कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को दिए निर्देश, एक सप्ताह में जमा करें संबंधित एसडीएम के यहां रिपोर्ट, बड़े तालाब के नजदीक खानूगांव में बने मैरिज गार्डन तो कार्रवाई के बाद भी नहीं चेते, कइयों में आज भी गंदा पानी तालाब में छोड़ा जा रहा है
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भोपाल

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Yogendra Kumar Sen

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Updated: 9 Feb 2020, 1:47 PM IST

60 फीसदी मैरिज गार्डन में नहीं एसटीपी, बाहर निकाल रहे अनट्रीट वॉटर, 40 तो बिना अनुमति के चल रहे

60 फीसदी मैरिज गार्डन में नहीं एसटीपी, बाहर निकाल रहे अनट्रीट वॉटर, 40 तो बिना अनुमति के चल रहे

भोपाल. खूबसूरत लाइटों से सजे मैरिज गार्डन हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, लेकिन इनके पीछे क्या चल रहा है इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। इनके लिए भी कई सख्त नियम बने हैं। ये नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं? इनमें पार्किंग की व्यवस्था है या नहीं? आग लगी तो आग बुझाने के उपकरण लगे हैं या नहीं? इस पर किसी का ध्यान नहीं जाता। आपको जानकार हैरानी होगी की शहर के 60 फीसदी मैरिज गार्डन खुले में अनट्रीट वॉटर छोड़ रहे हैं। बड़े तालाब के नजदीक खानूगांव में बने मैरिज गार्डन तो कार्रवाई के बाद भी नहीं चेते। कइयों में आज भी गंदा पानी तालाब में छोड़ा जा रहा है। शादियों के सीजन में हो रही लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इसके बाद इन मैरिज गार्डनों पर कार्रवाई की जाएगी।

40 मैरिज गार्डन ऐसे हैं जिनके पास किसी प्रकार की अनुमति नहीं है
राजधानी में बैरागढ़, लालघाटी, खानूगांव, करोंद, अयोध्या बायपास, होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड सहित अन्य जगहों पर करीब 175 मैरिज गार्डन संचालित हो रहे हैं। इसमें से 40 मैरिज गार्डन ऐसे हैं जिन के पास किसी प्रकार की अनुमति नहीं है। जुलाई से अक्टूबर 2019 तक चली प्रशासन और नगर निगम की जांच में इसका खुलासा हो चुका है। इसके बाद कितने मैरिज गार्डन ने अनुमति ली, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगवाया। पार्किंग की व्यवस्था की है या नहीं, इसके पालन को लेकर कलेक्टर ने रिपोर्ट तलब ही है। अभी तक नगर निगम ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को नहीं सौंपी है। इस कारण इन पर एक्शन नहीं हो पा रहा।

इनकी हुर्ह थी जांच
1. ग्रीन सिटी मैरिज गार्डन (बैरागढ़)-किचन में गंदगी मिली थी, एसटीपी बंद था। आग बुझाने के उपकरण नहीं थे।

2. गुलशन गार्डन-(बैरागढ़)-आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले। एक ही गेट था।
3. स्वागत पैलेस(बैरागढ़)- यहां भी आग बुझाने के उपकरण और एसटीपी नहीं मिली।

4. गुलबाग मैरिज गार्डन (बैरागढ़)-अनुमति नहीं थी, बाद में सील कर दिया। फिर खुल गया।
5. रफीक खान महल (खानूगांव)-अनुमति नहीं थी, सील किया, बाद में फिर खुल गए।

6. सीजन हैरिटेज (बरखेड़ा पठानी)-बिना अनुमति के संचालित हो रहा था।

एफटीएल में बिना अनुमति बने तीन ध्वस्त
बरसात के बाद कलेक्टर की तरफ से गई जांच के बाद बड़े तालाब के एफटीएल में बने मैरिज गार्डन में से तीन पर ही कार्रवाई की गई। इसके बाद कार्रवाई रुक गई। सूत्र बताते हैं कि इस रिपोर्ट के बाद इन पर भी कार्रवाई शुरू हो सकती है।

मांगी है रिपोर्ट
मैरिज गार्डन के संबंध में अब तक की गई जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद इनकी फिर से जांच कराई जाएगी, इनमें जो खामियां पाईं गईं थीं उनका पालन हो रहा है या नहीं।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर

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