
पर्यावरण मंजूरी न मिलने से अटक गया था थर्मल पावर प्लांट, 2017 से चल रही सोलर प्लांट की फाइल
छतरपुर. बरेठी में सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए पर्यावरण की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही डीपीआर निर्माण का कार्य भी लगभग पूरा हो गया। अब सोलर पावर प्लांट निर्माण जल्द शुरु होगा। वर्ष 2025 से बरेठी सोलर प्लांट से 630 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण की एनओसी मिलने से अब प्लांट शुरु होने की सारी अड़चने दूर हो गई हैं। प्लांट स्थापना का कार्य एनटीपीसीकी देखरेख में रिन्युअल एनर्जी लिमिटेड कंपनी के द्वारा कराया जाएगा।
पर्यावरण मंजूरी में अटक गया था थर्मल पावर प्लांट
छतरपुर मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर ग्राम बरेठी में 28000 करोड़ की लागत से 2013 में प्रस्तावित एनटीपीसी के थर्मल पावर प्लांट के लिए 2839 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। लेकिन पर्यावरण मंजूरी न मिलने कारण कोयले से बिजली बनाने के इस पावर प्लांट का वर्ष 2017 से अधर में लटक गया था। वर्ष 2013 में 28 हजार करोड़ की लागत से थर्मल पावर प्लांट लगाने की कवायद ठंडे बस्ते में जाने के बाद वर्ष 2017 में सोलर प्लांट लगाए जाने का निर्णय लिया गया।
वर्ष 2017 में सोलर प्लांट लगाने की बनी योजना
जिले में 2013 से थर्मल पावर प्लांट लगाने की कवायद पर्यावरण मंजूरी न मिलने पर 2017 में सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई गई। सोलर प्लांट लगाने के मार्च 2023 लक्ष्य रखा गया, लेकिन वन विभाग की अनुमतियों के कारण योजना की शुरुआत में देर हो गई। लेकिन अब नवीनीकरण ऊर्जा मंत्रालय ने बरेठी में 630 मेगावाट के सोलर पार्क को मंजूरी दे दी है। वहीं वन विभाग की औपचारिकताएं पूरी हो गई है। जिससे अब सोलर पार्क निर्माण जल्द ही शुरु होगा।
जमीन का उपयोग बदलने की मिल चुकी है मंजूरी
जिले में सोलर पावर परियोजना के तहत 2 सोलर पावर प्लांट लगाए जाना है। ताप विद्युत परियोजना के लिए बरेठी में अधिग्रहीत जमीन पर 630 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाया जाएगा। वहीं बिजावर के पास पुरवा में 950 मेगावाट की यूनिट लगाई जाएगी। राज्य सरकार ने बरेठी की अधिग्रहित जमीन का उपयोग बदलने की अनुमति दे दी है। वहीं बिजावर में 950 मेगावाट की दूसरी यूनिट के लिए जमीन आवंटित की गई है।
Published on:
27 Jan 2024 07:37 pm
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