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MP News: साइबर ठगों ने अब नई ट्रिक अपनाते हुए ठगी करने के लिए पुलिस अधिकारियों के नाम को ही हथियार बना लिया है। जालसाजों ने भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के 70 फर्जी फेसबुक अकाउंट बना डाले है। इन अकाउंट्स से आरोपी लोगों को सस्ते फर्नीचर और घरेलू सामान बेचने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। वहीं अर्धसैनिक बल के अधिकारी और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम के फर्जी अकाउंट बना कर ठगी करने के मामले सामने आ चुके है। इन सभी खातों को बंद कराया, लेकिन दो सक्रिय खाते को ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी फेसबुक पर पुलिस अधिकारियों की फोटो लगाकर पहले तो विश्वास जीतते थे। बाद में फर्जी पोस्ट डालते हैं कि 1 लाख का फर्नीचर दस हजार में बेचा जा रहा है। पोस्ट देखने के बाद लोग सस्ते सौदे के लालय में ठगों से संपर्क करते और ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद ठगी के शिकार बन जाते। आरोपी पैसे मिलते ही पीड़ितों को ब्लॉक कर देते है।
मामले में जांच में सामने आया कि इन फर्जी खातों के पीछे राजस्थान का मेवाती गैंग काम कर रहा है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से जुड़े पाए गए हैं। गिरोह के सदस्य लगातार खाते बंद होने पर नए अकाउंट बनाकर ठगी का काम फिर शुरू कर देते हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हैं।
मिश्र ने बताया कि जबलपुर के एक व्यक्ति ने फोन पर संपर्क जानकारी दी थी। फेसबुक पर फर्नीचर खरीदा लेकिन पता चला कि खाता फर्जी था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भोपाल जेल भेजा।
पुलिस कमिश्नर ने कहा सोशल मीडिया के अकाउंट से खरीदारी करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर परखें। पुलिस अधिकारी हो या कोई भी सरकारी कर्मचारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री नहीं करते।
सस्ते सौदों के लालच में न आएं। तुरंत साइबर पुलिस और संबंधित अधिकारी को सूचना दें। जागरूक रहना ही ठगी से बचाव का बड़ा उपाय है।- हरिनारायण चारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर भोपाल
Updated on:
15 Oct 2025, 9:06 AM IST
Published on:
15 Oct 2025, 9:06 AM IST
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