
khelo india games
भोपाल। खेलो इंडिया यूथ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी सोमवार को टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित की गई। 800 कलाकारों ने 13 शास्त्रीय और जनजातीय शैलियों में नृत्य पेश कर भारतीय लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया। एक ओर कलाकारों ने ढोल, चेंडा और नगाड़ा जैस 100 वाद्ययंत्रों को एक साथ पेश किया तो ऐसा लगा मानो स्टेडियम में सुरो की बयार बह निकली हो। इसके बाद प्लेबैक सिंगर शान और नीति मोहन ने हर श्रोता को मौसिकी की रंगों से सरोबार कर दिया। मंच पर ग्वालियर का किला, ओरछा का रामराजा मंदिर, सांची स्तूप, उज्जैन का महाकाल मंदिर, महेश्वर का किला, भीमबैटिका, जबलपुर का भेड़ाघाट जलप्रताप और खजुराहो के मंदिर दिखाए गए।
महाकाल स्तुति पर तांडव नृत्य
समारोह की शुरुआत में अभिलिप्सा पांडा ने हर-हर शंभु गीत पर महाकाल स्तुति पेश कर माहौल को भक्ति रस में डूबो दिया। 22 कलाकारों ने इंडियन फोक स्टाइल में शिव तांडव नृत्य पेश कर समां बांध दिया। इसके बाद नर्मदा अष्टम... की प्रस्तुति हुई। इसे नीति मोहन की आवाज में री-कंपोज किया गया। 100 कलाकारों ने नमामी देवी नर्मदे... गीत पर नर्मदा यात्रा को विविध शैलियों से मंच पर उतारा। कलाकारों आदिवासी लोक नृत्य के साथ मटकी, बधाई, नौरता, बरेदी नृत्य के साथ भरतनाट्यम, कथक, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम नृत्य से मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा की यात्रा दिखाई।
भांगड़ा, बिहू से लेकर मणिपुरी रास तक
अगली कड़ी में 100 कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुति स्वागतम पेश किया। इसमें भांगड़ा, छाऊ, बिहू से लेकर मणिपुरी रास तक की झलक देखने को मिली। वहीं, आदिवासी कलाकारों ने लोक जनजातीय शैली को मंच पर उतारा। कलाकारों ने मणिपुरी रास में राधा और गोपियों संग होली खेलते भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग का मंचन किया तो पुंग चोलोम नृत्य के माध्यम से भगवान शिव की करतब दिखाते हुए आराधान की। इसमें पुंग का अर्थ मृदंग और चोलक का अर्थ शिव तांडव होता है। इसमें किसी भी उत्सव के समय सबसे पहले किया जाता है। वहीं, ओडिसा के कलाकारों ने डालखाई नृत्य पेश किया। इसमें दिखाया गया कि आदिवासी समुदाय पेड़ का भगवान का प्रतीक मानकर उसके इर्द-गिर्द नृत्य कर डाल की पूजा करता है। अगली कड़ी में ड्रमर आनंदन शिवमणि के साथ 100 कलाकारों ने अलग-अलग राज्यों के 100 वाद्ययंत्र बजाए।
Published on:
31 Jan 2023 06:40 pm

