13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर के बीच इस बाग में हैं आम के एक हजार पेड़… आपने देखा है?

भेल के जवाहर लाल नेहरू आम बाग में हापुस सहित 11 प्रजाति के आम

2 min read
Google source verification
mango plantation

भोपाल। शहर में जहां आबादी बढऩे से जगह घट रही है वहीं दूसरी ओर यहां सबसे बड़ा आम का बाग है। इसमें करीब एक हजार पेड़ हैं। भेल के जवाहर लाल नेहरू आम बाग में करीब 11 प्रजातियों के आम होते हैं। इनमें आम की सबसे बेहतर मानी जाने वाली प्रजाति हापुस भी शामिल है। भेल के इस बाग की देखरेख के साथ हर साल इसे ठेके पर दिया जाता है। इस बार यहां फलों की संख्या हर बार के मुकाबले कम बताई जा रही है।

यहां करीब एक दर्जन ठेका श्रमिक आम के पेड़ों के आसपास के निदाई-गुड़ाई के काम में लगे हैं। यहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि स्टाप डेम के कारण यहां के बोरिंग साल भर इतना पानी दे रह हैं कि बाग के अलावा आसपास के क्षेत्र में भी टैंकरों से पानी भेजा जाता है। बाग में सिंचाई में कोई समस्या नहीं है। इस बाग में देशी आम, सरौला और दसहरी आम के सबसे अधिक वृक्ष है।

आम बाग एक नजर

करीब चार एकड़ में बना हुआ है।
984 - आम के पेड़
पिछले साल ठेका गया था
करीब 3.86 लाख रुपए।
ठेके इस साल कम भाव में जाएगा

इस वर्ष कम हैं फल

आम बाग का जायजा लिया और ठेके पर लेने वाले ठेकेदारों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल पेड़ों में आम कम आया है।

पर्यावरण के साथ फसल में भी आम बाग भेल को अलग पहचान देता है। इसके संचालन के पीछे उद्देश्य व्यवसायिक नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व है। आम के पेड़ों में एक साल छोड़कर आम ज्यादा आता है। इसका ठेका अगले माह अप्रैल में होगा।
-विनोदानंद झा, डीजीएम व प्रवक्ता भेल

तकनीक की शिक्षा दे रहा संस्थान

तकनीक का ज्ञान देने वाले संस्थान शहर ही नहीं प्रदेश में जाना माना नाम है। वर्तमान में करीब पांच हजार विद्यार्थी यहां शिक्षा ले रहे हैं। साठ के दशक में बने इस संस्थान की शुरुआत पॉलीटेक्निक कॉलेज के भवन से हुई थी, लेकिन वर्तमान में बीई, बीटेक, एमई, एमटेक में देशभर के विद्यार्थी यहां आकर पढ़ाई कर रहे हैं। बेहतर संस्थानों में एक है। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट)