
Road accident took away the happiness of the family, the lineage of one family ended.
भोपाल. राजधानी में रविवार रात हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे ने किसी की खुशियां छीन ली तो किसी का वंश ही मिट गया। बागसेवनिया क्षेत्र में नर्मदापुरम रोड पर रविवार रात मेट्रो प्रोजेक्ट में लगी बस की टक्कर से बाइक सवार चार लोगों की मौत हो गई थी। इनमें एक ही परिवार के तीन लोगों के साथ ही एक अन्य महिला शामिल थी। जो शहर में रहकर मेहनत मजदूरी कर बेटे को पढ़ा रही थी।
हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। यहां चार लोगों की मौत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। फूल सिंह की बहन और जीजा फूट फूट कर रो रहे थे, तो सरोज रानी का बेटा गुमसुम था, उसे पता ही नहीं था कि उसकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही।
सड़क हादसे में फूलसिंह 35 साल, पत्नी सीता 40 साल और बेटी तुलसी 12 साल की मौत हो गई। फूल सिंह के परिवार में अब कोई नहीं बचा है। वह मूलत: रायसेन जिले के देवरी के रहने वाले थे। 3 साल की उम्र में ही माता-पिता का सिर से साया उठ गया। मामा ने इनका पालन पोषण किया और वही इनके गार्जियन भी थे। दानिश नगर में निर्माणाधीन भवन में चौकीदारी करते थे। फूल सिंह ने करीब एक साल पहले शादी की थी। पत्नी के साथ 12 साल की बेटी भी आई थी। इस हादसे ने पूरा पूरा कुनबा ही खत्म कर दिया।
सड़क हादसे में मृतक सरोज रानी मूलत: सागर जिले के महुआखेड़ा गांव की रहने वाली थी। सरोज बेटा और बेटी के साथ भोपाल में रहकर मेहनत मजदूरी करती थी। बेटा सागर से एमए की पढ़ाई कर रहा है। सरोज रानी बेटे को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए भोपाल के दानिश नगर में रहकर मेहनत मजदूरी करती थी। लेकिन रविवार रात हुए हादसे ने परिवार की खुशियां ही छीन ली।
रविवार रात सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले चारों लोगों का सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। सरोज रानी के परिजन उन्हें अपने गृहग्राम सागर के महुआखेड़ा ले जाकर अंतिम संस्कार किया। वहीं फूल सिंह, उनकी पत्नी सीता और 12 साल की बेटी का भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
Published on:
30 Jul 2024 09:09 pm
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