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MP के पेट्रोल पंप पर महिलाओं के लिए बना एक अलग प्वाइंट

- यहां केवल महिलाओं को ही मिलेगा पेट्रोल- महिलाओं के लिए ही रहेगा रिजर्व- महिला कर्मचारी ही होंगी इस फिलिंग पॉइंट पर- नाम होगा पिंक फिलिंग पॉइंट

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महिला दिवस हर साल 8 मार्च को आता है, लेकिन इस बार इस दिन होली होने के चलते महिला दिवस दो दिन पूर्व से ही शुरु कर दिया गया है। ऐसे में जहां 6 मार्च को मप्र में महिलाओं ने ट्रेफिक व्यवस्था संभाली। तो वहीं 7 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस अलग अंदाज में मनाते हुए सीएम शिवराज (CM Shivraj Singh) की सुरक्षा सहित अन्य शासकीय कार्यों की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाएं रही हैं। इस पूरे दिन मुख्यमंत्री की सुरक्षा और अन्य शासकीय कार्यों की जिम्मेदारी महिलाओं ने संभाली, इसके अलावा सुरक्षाकर्मी, अधिकारी, पीआरओ सहित अन्य कर्मचारी भी महिलाएं ही रहीं।

इसके अलावा राजधानी भोपाल में मंगलवार को महिला दिवस एवं होली के अवसर पर रिलायंस पेट्रोल पंप काजी कैम्प, बेरासिया रोड, भोपाल पर सिर्फ महिलाओं के लिए एक विशेष 'Pink फिलिंग पॉइंट" बनाया गया है, जिसका संचालन भी केवल महिला कर्मियों द्वारा ही किया जाएगा। इस पेट्रोल पॉइंट की आज मंगलवार को शुरुआत की गई।

कंपनी के एरिया मैनेजर आशुतोष राय की उपस्थिति में इस अवसर पर संचालक वीरेंद्र सिंह की ओर से इसकी जरूरत के संबंध में बताया गया कि पुराने भोपाल के इस पेट्रोल पंप पर अधिक भीड़ होने के कारण महिलाओं को लाइन में लगना पड़ता था, जिससे उन्हें बहुत असुविधा होती थी। उनकी इसी परेशानी को देखते हुए हमारे द्वारा यह निर्णय लिया गया कि एक 'पिंक फिलिंग पॉइंट' बनाया जाए जो सिर्फ महिलाओं के लिए हो।

उनका इस अवसर पर कहना था कि "महिला दिवस" से अच्छा कोई अवसर नहीं हो सकता कि हम इस प्रकार की सुविधा महिलाओं के लिए शहर में उपलब्ध कराएं, वर्तमान में ऐसा फिलिंग पॉइंट शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर उपलब्ध नहीं है।

ऐसे समझें महिला दिवस का इतिहास
ज्ञात हो कि एक बेहतर समाज बनाने और लैंगिक समानता का संदेश के तहत हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। महिलाओं के सम्मान में ये दिन मनाया जाता है। जो महिलाओं के समान अधिकार, प्रजनन अधिकारों व महिलाओं के खिलाफ हिंसा और दुर्व्यवहार जैसे मुद्दों पर बात करता है। आपको यहां बताते चलें कि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day 2023) बीसवीं शताब्दी में उत्तरी अमेरिका और यूरोप में श्रमिक आंदोलनों की गतिविधियों से उभरा था।

पहला राष्ट्रीय महिला दिवस अमेरिका में 28 फरवरी, 1909 को न्यूयॉर्क में 1908 के कपड़ा मजदूरों की हड़ताल की याद में मनाया गया था। यहां महिलाओं ने कठोर कामकाजी हालात का विरोध किया था। वहीं संयुक्त राष्ट्र (United Nation) ने 1945 में चार्टर पुरुषों और महिलाओं के बीच समानता के सिद्धांत की पुष्टि करने वाला पहला इंटरनेशनल समझौता बनाया गया। इसके बाद 8 मार्च, 1975 को अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने अपना पहला आधिकारिक इंटरनेशनल वुमन डे मनाया था।

2023 के लिए यूनेस्को का संदेश
साल 2023 के लिए यूनेस्को की महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले ने इंटरनेशनल विमेन डे के लिए अपने संदेश में कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि महिलाओं और लड़कियों को तकनीकी परिवर्तन के ओर से दिए गए अवसरों से लाभ मिले और साथ ही समान स्तर भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा है कि इस साल-लिंग समानता के लिए इनोवेशन और टेक्नोलोजी पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है।

एक नई शुरुआत
वहीं इससे पहले मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर मंगलवार को महिला पुलिसकर्मी पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ पूरे प्रदेश में यातायात प्रबंधन संभालेंगी। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ाना और यह संदेश देना है कि वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर सकती हैं।