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अधूरा आदर्श मार्ग बना संतनगर के लिए मुसीबत

-गड्ढे और बेतरतीब डिवाइडर के कारण वाहन चालक हो रहे घायल

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अधूरा आदर्श मार्ग बना संतनगर के लिए मुसीबत

भोपाल। संतनगर की लाइफलाइन कहे जाने वाले आदर्श मार्ग का निर्माण कार्य एक बार फिर अटक गया है। तकरीबन एक महीने से यहां काम बंद है। आठ करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इस आदर्श मार्ग की राह में आने वाली बाधाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, नतीजतन ये अधूरा आदर्श मार्ग संतनगर के रहवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जगह-जगह गड्ढे और बगैर प्लानिंग के बनाए गए डिवाइर हादसों की वजह बन रहे हैं।

रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम ने बगैर पुख्ता प्लानिंग के आदर्श मार्ग का निर्माण कार्य तो शुरू कर दिया, पर ये मार्ग सुविधा बनने के बजाय परेशानी बन रहा है। आदर्श मार्ग के निर्माण में देरी और गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं किए जाने के संबंध में सिंधी सेंट्रल पंचायत ने महापौर को पत्र लिखा था।

अतिक्रमण हटाने में नाकाम
आदर्श मार्ग में बाधक बन रहे अतिक्रमण हटाने में नगर निगम नाकाम साबित हुआ है। छह महीने पहले चंचल मार्ग से अतिक्रमण हटाए गए थे, पर तब से वहां हालात जस के तस हैं। व्यापारियेां के विरोध के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। यहां सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग व्यापारियों द्वारा की जा रही है। इसी तरह प्रेमचंदानी मार्ग एवं बस स्टैंड क्षेत्र में आदर्श मार्ग में रोड़ा बताए जा रहे निर्माण हटाने को लेकर नगर निगम कार्रवाई नहीं कर सका है।

एक साल में तामीर होना था मार्ग
संतनगर में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने एवं आवाजाही के लिए बेहतर मार्ग मुहैया कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने सात जून २०१६ को इस मार्ग का निर्माण कार्य शुरू किया था। इस मार्ग का निर्माण कार्य एक साल यानी जून २०१७ तक पूरा करने की बात कही गई थी, पर नगर निगम की अनदेखी के कारण दो साल से अधिक बीतने के बाद भी महज ७० फीसदी काम ही पूरा हो चुका है। इस मार्ग को अलग-अलग टुकड़ों में बनाया गया है।

निर्माण के नाम पर तोडफ़ोड के आरोप
स्थानीय रहवासियों के मुताबिक आदर्श मार्ग के निर्माण के नाम पर नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में पेयजल पाइप लाइन तक को तोड़ा जा रहा है, इससे क्षेत्र मं जलसंकट गहरा गया है। निर्माण के बाद पाइप लाइन को दुरुस्त नहीं किया जाता है, जिससे सड़क पर ही पानी बहता रहता है। कमोबेश यही स्थिति अधूरे निर्माण की वजह से भी है। जगह-जगह बिल्डिंग मटेरियल होने एवं गड्ढों के कारण दिनभर धूल उड़ती है, साथ ही ये लापरवाही वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।

सड़क निर्माण के नाम पर तोड़ी गई दुकानों से व्यापारी आज तक उबर नहीं पाए हैं। छह महीने बाद भी सड़क का काम नहीं हो सका है। निर्माण में की जा रही लेटलतीफी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
नानक चंदनानी, व्यापारी

आठ करोड़ की लागत से आदर्श मार्ग का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह बात सही है कि काम में देरी हुई है, लेकिन अब ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। अतिक्रमण की वजह से काम रूका था। जल्द अतिक्रमण हटाकर काम पूरा किया जाएगा

दीपा वासवानी, अध्यक्ष, जोन एक