
कांग्रेस नेता का फोन आते ही रुकी ईदगाह हिल्स पर कार्रवाई, आठ फीट सड़क घेर बनाया तीन मंजिला घर
भोपाल. ईदगाह हिल्स स्थित प्रिंस कॉलोनी में शारिक और शाकिब के तीन मंजिला घर के अवैध हिस्से पर कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम, पुलिस और प्रशासन की टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। अमले ने अलग-अलग माले पर पहुंचकर दीवार तोडऩा शुरू कर दिया। इसी बीच अधिकारियों के पास कांग्रेस से एक विधायक का फोन आया और अमला सीढिय़ां उतरना शुरू हो गया। अमले ने कमरों की दीवार में सिर्फ ***** ही किए थे, इसके बाद टीम लौट गई। हैरानी की बात ये है कि कार्रवाई के दौरान कोई उच्च अधिकारी मौके पर नहीं था। एसडीएम बैरागढ़ मनोज उपाध्याय का कहना है कि उन्हें नगर निगम अमले ने कार्रवाई की सूचना दी है, लेकिन वे खुद स्पॉट पर नहीं गए। कार्रवाई क्यों रुकी इस संबंध में भी वे कुछ नहीं बोले। नगर निगम ने नोटिस शराफत खान के नाम से जारी किया है। जानकार बताते हैं शारिक और शाकिब दवा का काम करते हैं।
प्रिंस कॉलोनी में सड़क की आठ फीट जगह घेरकर तीन माला बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। इतने के बाद लग्जरी गाड़ी खड़ी कर देते हैं। इससे सड़क काफी संकरी हो गई है। पार्क तक जाने के लिए रास्ता ही नहीं बचता। एक तरह से लग्जरी कार खड़ी कर रास्ते को चार पहिया वाहन के आवागमन के लिए बंद कर दिया है। आस-पास के रहवासी लंबे समय से इस अवैध अतिक्रमण की शिकायत कर रहे थे। सीएम हेल्पलाइन, लोकायुक्त तक में मामला था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। माफिया अभियान में इसका नंबर आया भी, लेकिन कांग्रेस के एक विधायक ने कार्रवाई को रुकवा दिया। अमले को वापस जाता देख आस-पास के लोगों में मायूसी छा गई। इस अतिक्रमण के संबंध में मकान नंबर 67 के भवन स्वामी रमाकांत शर्मा ने शिकायत की है।
कोहेफिजा में हटाया अवैध अतिक्रमण
इसी तरह कोहेफि जा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी मेन रोड स्थित भूखण्ड क्रमांक ए-15 की भवन स्वामी बीना सहगल ने मेन रोड पर अवैध रूप से शटर लगाकर अवैध रूप से व्यवसायिक गतिविधि शुरू कर दी थी। इस निर्माण को तोडऩे की भी कार्रवाई की गई। मुख्य नगर निवेशक एसएस राठौर के निर्देश में निगम अमले ने पुलिस बल की मौजूदगी में की। इस मौके पर सहायक यंत्री एके साहनी, प्रदीप जडिय़ा, जेएसतोमर, बीपीएस कुशवाह व अन्य उपस्थित रहे।
2001 में सरकारी घोषित हो चुकी है जमीन
जनवरी 2001 में कलेक्टर ने पूरे ईदगाह हिल्स की जमीन को शासकीय घोषित किया था। लोकायुक्त में शासकीय जमीन पर कब्जे का मामला चला तो निगम प्रशासन ने लिखकर जवाब दिया कि कार्रवाई कलेक्टर ही करेंगे। बाद में लोकायुक्त ने निगम को ही कार्रवाई के लिए कहा, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई।
लोकायुक्त के प्रकरण को लेकर कार्रवाई की गई थी। कार्रवाई रुकी नहीं है, कोई सामान को लेकर इश्यू है। अधिकारियों से बात करता हूं।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर
Published on:
29 Jan 2020 01:16 am

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