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बॉलीवुड के बाद अब MP में होगी साउथ फिल्मों की होगी शूटिंग, हाल ही में मिला है अवॉर्ड

मध्यप्रदेश दक्षिण भारत के फिल्म निर्माताओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देगा....

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South films

भोपाल। बॉलीवुड यानी मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के फिल्म निर्माताओं को प्रदेश की खूबसूरत शूटिंग लोकेशन्स और फिल्म पॉलिसी का मुरीद बनाने के बाद अब मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की फिल्म शाखा का फोकस दक्षिण भारत की फिल्म इंड्रस्ट्री पर है। इसके लिए बोर्ड की फिल्म फैसिलेशन सेल चेन्नई और हैदराबाद में रोड शो करने जा रही है। जल्द इसका शेड्यूल तय किया जाएगा। बोर्ड का फोकस तमिल, तेलगू और कन्नड़ भाषाओं में बनने वाली फिल्मों पर है।

दिया जाएगा अतिरिक्त अनुदान देंगे

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड की फिल्म फैसिलेशन सेल के डिप्टी डायरेक्टर उमाकांत चौधरी बताते हैं कि दक्षिण भारत के फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश की फिल्म पॉलिसी के तहत दी जाने वाली सुविधाओं के साथ प्रदेश की शूटिंग लोकेशन्स की जानकारी दी जाएगी। मध्यप्रदेश दक्षिण भारत के फिल्म निर्माताओं को 10 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान देगा।

प्रदेश में 250 से अधिक फिल्म के साथ धारावाहिक और वेबसीरीज की शूटिंग हो चुकी है। हाल ही में घोषित 68वें नेशनल फिल्म पुरस्कार में मप्र को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवॉर्ड भी मिला है।

देवास फिल्म शूटिंग के लिए कवायद तेज

इधर, देवास की शंकरगढ़ पहाड़ी पर फिल्म सिटी के लिए कवायद तेज हुई है। हाल ही में टूरिज्म के अफसरों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दौरा किया। फिल्म सिटी के लिए मुंबई के प्रोडक्शन हाउस ने निवेश का प्रस्ताव दिया है। पहाड़ी पर सुविधाएं जुटाने के साथ जमीन को पर्यटन विभाग को ट्रांसफर करने की कार्रवाई की जानी है।

इन फिल्मों की हुई मप्र में शूटिंग

बता दें, तेलगू की फिल्म गौमतीपुत्र सतकर्णी के अलावा तमिल फिल्म इंडियन-2 की शूटिंग भोपाल, ग्वालियर समेत अन्य स्थानों पर हुई है। 2015 में आई तमिल फिल्म उत्तमा विलेन और लीलाई की शूटिंग खरगोन जिले में स्थित महेश्वर के किले में हुई थी। तेलगू फिल्म अहिम्सा की शूटिंग पन्ना व आसपास की लोकेशन्स पर की गई।