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विधायक के भाई को बचाने का पुलिस पर आरोप, कोर्ट के दखल के बाद हुई गिरफ्तारी

फरियादी का कहना है कि पुलिस ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन कोर्ट के दबाव में पुलिस को गिरफ्तारी करनी पड़ी।

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csp of tt nagar bhopal

भोपाल। भोपाल पुलिस ने विधायक के रसूखदार भाई को चेक बाउंस के मामले में आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। दरअसल चेक बाउंस का केस कांग्रेस विधायक कमलेश्वर पटेल के भाई जय पटेल पर लंबे समय से चल रहा था। इस मामले में फरियादी का कहना है कि पुलिस ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन कोर्ट के दबाव में पुलिस को गिरफ्तारी करनी पड़ी। वहीं पुलिस इन आरोपों से इनकार कर रही है।

ज्ञात हो कि जय पटेल पर कई लोगों को धोखा देने का आरोप लगा है।दरअसल हज हाउस के निर्माण में जय पटेल और मोहम्मद रफीक कुरैशी की पार्टनरशिप थी। इसी काम के रफीक कुरैशी को जय से 12 लाख रुपए लेने थे। आरोप है कि जय पटेल ने रफीक को जितने भी चेक दिए वो सब बाउंस हो गए।

इसके बाद फरियादी रफीक और अनीस खान ने कोर्ट में केस लगा दिया।

अनीस का आरोप है कि विधायक के रसूख के चलते जय को पुलिस लंबे समय से बचाने और भगाने की कोशिश में थी, लेकिन कोर्ट के दबाव में आखिरकार पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करनी पड़ी।

आरोपों से इनकार:

वहीं दूसरी तरफ भोपाल के टीटी नगर थाना के सीएसपी गोपाल सिंह इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक उन्हें 3 अक्टूबर को कोर्ट से जय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट मिला था और तभी से पुलिस जय पटेल की तलाश में थी। साथ ही कहा कि जानकारी मिलते ही पुलिस ने जय को गिरफ्तार कर लिया।

वैसे ये कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस ने गिरफ्तारी वारंट को तामील करवाने में देरी की हो। भोपाल शहर के ही तमाम थानों में दर्जनों गिरफ्तारी वारंट तामील ही नहीं हो सके हैं। ऐसे में जाहिर है कि अगर पुलिस अपना काम पूरी शिद्दत और ईमानदारी से करे, तो पीड़ितों को न्याय भी शायद जल्दी मिल सकेगा।