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लोकायुक्त कार्रवाई के बाद रजिस्ट्रार को हटाया, अफसरों ने संयुक्त संचालक बनाकर दी बड़ी जिम्मेदारी

आयुर्वेद चिकित्सा बोर्ड में लोकायुक्त की कार्र‌वाई के बाद रजिस्ट्रार डॉ. पंकज गुप्ता को भी हटा दिया गया था

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lokayukta trap in mp

भोपाल। लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई कर आयुर्वेद चिकित्सा बोर्ड के बाबू को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। बोर्ड में हुई लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद रजिस्ट्रार डॉ. पंकज गुप्ता को भी हटा दिया गया था। डॉ. को रीडर के रूप में पंडित खुशीलाल शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय में पदस्थ थे। आचार संहिता से पहले शासन ने उन्हें इसके साथ आयुष संचालनालय में संयुक्त संचालक का कार्यभार भी दे दिया। 9 अक्टूबर को उन्होंने संचालनालय में ज्वॉइन भी कर लिया।

इधर, मंत्री के विशेष सहायक को हटाकर मूल विभाग भेजा गया

आचार संहिता लगने से पहले मंत्री उषा ठाकुर ने अपने विशेष सहायक को आनंद विभाग का डायरेक्टर बनाने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था। उस वक्त उनकी नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं हो सका। आचार संहिता लगते ही 9 अक्टूबर को सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें मंत्री के विशेष सहायक के पद से हटाते हुए मूल विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग भेज दिया। संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री उषा ठाकुर ने विशेष सहायक प्रवीण कुमार गंगराड़े को आनंद विभाग में निदेशक के पद पर पुन: पदस्थ करने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।

प्रतिनियुक्ति बढ़वाना चाहते थे गंगराड़े

महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक गंगराड़े आनंद विभाग में निदेशक के पद पर प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ थे। तीन साल तक उन्होंने मंत्री का कामकाज संभाला। फिर से आनंद विभाग में निदेशक बनने के लिए उन्होंने जुगत लगाई लेकिन उनकी प्रतिनियुक्ति भी खत्म हो गई।