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आदमखोर हो गए यहां के मगरमच्छ, डैम बन गए डेंजर जोन, पर्यटकों को खतरा

मध्यप्रदेश के कलियासोत डैम और बड़े तालाब में खतरनाक मगरमच्छ, एक माह में तीसरी घटना...।

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भोपाल

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Manish Geete

Jun 26, 2020

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भोपाल। राजधानी में बड़ी संख्या में मगरमच्छ और घड़ियाल हैं जो अब आदमखोर हो गए हैं, यह आए दिन इंसानों पर हमला कर रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन ने सुरक्षा गार्ड तैनात करते हुए जलाशयों के आसपास अलर्ट जारी कर दिया है। कलियासोत डैम ( Kaliyasot Dam Bhopal ) में बड़ा मगरमच्छ एक युवक को पानी में खींचकर ले गया। इससे पहले भी कई बार इंसानों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। गौरतलब है कि भोपाल के बड़े तालाब, कलियासोत डैम और केरवा डैम में बड़ी संक्या में मगरमच्छ और घड़ियाल हैं, जो अब 'आदमखोर' हो गए हैं।

राजधानी भोपाल में बड़ा तालाब, छोटा तालाब, शाहपुरा लेक, केरवा डैम और कलियासोत डैम है। इनमें अक्सर ही मगरमच्छ दिखने की घटनाएं सामने आती रही हैं। पिछले कुछ दिनों से पानी में उतरे पर्यटकों या मछली पकड़ने गए लोगों पर हमले की घटनाएं हो रही हैं। प्रशासन ने इसे देख जलाशयों के आसपास अलर्ट जारी किया है।

पहले भी हुए अटैक

कल क्या हुआ था
भोपाल के कलियासोत डैम जहां बड़ी संख्या में पर्यटक मौसम का लुत्फ लेने पहुंचते हैं। इसी डैम पर कुछ लोग मछली पकड़ने वाले भी पहुंचते हैं। बुधवार रात 11 बजे भी मछली पकड़ रहे एक युवक को मगरमच्छ उठा ले गया। चंदनपुरा में रहने वाले 28 वर्षीय प्रताप शाह कांग्रेस नेता के फार्म हाउस पर चौकीदार हैं। वह ममेरे भाई संजय के साथ डैम के गेट नंबर 13 के पास मछली पकड़ रहा था। जब प्रताप पानी में खड़े होकर मछली पकड़ रहा था, तभी मगरमच्छ प्रताप को उठा ले गया।

जैसा ममेरे भाई ने पुलिस को बताया
बुधवार रात प्रताप के कहने पर मछली पकड़ने डैम पहुंचे थे। जब मैं 15 मिनट बाद ही टार्च लेकर पहुंचा तो प्रताफ कहीं नजर नहीं आया। सिर्फ कपड़े रखे हुए थे। करीब आधे घंटे तक इंतजार करता रहा, फिर पुलिस को सूचना दी। संजय का कहना है कि उसे तैरना अच्छे से आता था, वह डूब नहीं सकता था। जलीय जीवों ने उस पर हमला किया होगा।

रेस्क्यू टीम पर भी है खौफ
इस घटना के बाद से एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम भी खौफ में रही। गुरुवार सुबह 10.30 बजे जब उसने रेस्क्यू शुरू किया तब उन्हें भी लग रहा था कि मगरमच्छ या घड़ियाल उनके गोताखोरों पर हमला न कर दे।

50 से अधिक निशान मिले
गोताखोरों को प्रताप का शव 13 घंटे बाद 200 मीटर दूर मिला। उसकी लाश पर 50 से अधिक जलीय जीवों के दांतों के निशान मिले हैं।

17 दिन में दूसरी घटना
कलियासोत डैम में मगरमच्छ के आदमखोर होने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 17 दिन में दूसरी बार किसी इन्सान पर यह हमला किया गया है। इससे पहले भी कई बार मगरमच्छ के हमले (crocodile Attack cases in MP ) के मामले सामने आ चुके हैं। जून माह में ही कलियासोत डैम में नहाने गए अमित जाटव पर मगरमच्छ ने हमला किया था। अमित के दोस्त ने उसे मगरमच्छ के जबड़े से खींच लिया था।

-तीन दिन पहले भी भदभदा डैम पर एक मगरमच्छ पानी से बाहर आ गया था। बड़ी मशक्कत के बाद उसे पकड़कर वनविहार ले जाया जा सका। अन्यथा यही मगरमच्छ किसी पर भी हमला कर सकता था।

अक्टूबर 2019 को भी भोपाल की सड़कों पर मगरमच्छ आ गया था। उसने शहर में काफी दहशत फैलाई थी। 12 फीट लंबा मगरमच्छ ज्यूडिशियल अकेडमी की सड़कों पर घूम रहा था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।