
सफेद संगमरमर का सुंदर ताजमहल
भोपाल. ताजमहल फिर सुर्खियों में है। यहां हिंदू मंदिर होने का दावा कर 20 कमरों को खोलने की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच सुनवाई कर रही है। इस विवाद से परे ताजमहल यकीनन बेहद सुंदर इमारत है और यही वजह है कि इसे विश्व के सात आश्चर्यो में शामिल किया गया है। कहा जाता है कि मुगल बादशाह शाहजहां ने इसे अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया था लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आगरा के पहले ही एक ताजमहल बन चुका था। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर में बने इस काला ताजमहल को देखकर ही आगरा के ताजमहल का विचार कौंधा था। इतना ही नहीं, इसी को मॉडल मानकर आगरा में सफेद संगमरमर का सुंदर ताजमहल डिजाइन किया गया था।
काला ताजमहल आज भी बुरहानपुर की एक खास धरोहर के रूप में मौजूद है। भारतीय पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग द्वारा इसे पुराने स्वरूप में लाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इतिहासकारों के मुताबिक काला ताजमहल मुगलों के सेनापति शाहनवाज खान का मकबरा है।
महज 44 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी और कुछ दिनों बाद उनकी पत्नी भी चल बसीं थीं. दोनो को जिस स्थान पर दफनाया गया वहीं ये मकबरा बना दिया गया।
काला ताजमहल का निर्माण काले पत्थरों से किया गया है। इसका गुंबद ईंट व चूने से बनाया गया है। इसके अंदर बेहतरीन नक्काशी की गई है। इस मकबरे का निर्माण सन 1622 से 1623 के बीच हुआ। बाद में ताजमहल के निर्माण के समय बादशाह शाहजहां के लिए यही मकबरा एक मॉडल के रूप में देखा गया। इसकी डिजाइन पर ही ताजमहल बनाया गया। खास बात यह है कि मुमताज की असली कब्र भी बुरहानपुर में ही है। गौरतलब है कि मुमताज महल का देहांत बुरहानपुर में ही हुआ था। यहां उनकी देह को ताप्ती नदी के किनारे आहूखाने में रखा गया था। जब आगरा का ताजमहल बनकर तैयार हुआ तो इस अस्थायी कब्र से मुमताज महल के शव को निकालकर आगरा के ताजमहल में दफनाया गया।
Published on:
12 May 2022 06:58 pm
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