
भोपाल. किसी की मौत होती है और धीरे—धीरे कर हम उन्हें भूल जाते हैं. जिनके बिना जिंदगी की कल्पना तक नहीं की जा सकती, उनकी मौत के बाद भी कुछ दिनों बाद ही जीवन सामान्यत: चलने लगता है. हालांकि ये 1100 लोग कुछ अलग हैं जोकि मौत के बाद भी जिंदा ही रहेंगे. ये वे लोग हैं जिन्होंने समाज के लिए अपनी देहदान कर दी है.
इन लोगों ने चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध के लिए अपनी देहदान की - 15 अक्टूबर को विश्व शरीर रचना दिवस मनाया जाता है. एम्स के एनाटॉमी विभाग Anatomy Department में इस मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान निदेशक डॉ. अजय सिंह ने शरीर को निस्वार्थ रूप से दान करने वाले दाताओं का सम्मान किया। इन लोगों ने चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध के लिए अपनी देहदान की है. इस अवसर पर 72 देह दानकर्ताओं के परिवार के सदस्यों का भी सम्मान किया गया।
विभाग के प्रारंभ से अब तक लगभग 1100 नागरिकों ने देहदान का संकल्प लिया - देहदान के लिए सक्रिय सहयोग के लिए विभाग ने डॉ. राकेश भार्गव, सीआईआई यंग इंडियन और किरण फाउंडेशन के योगदान के लिए भी उन्हें सम्मानित किया। विभाग Anatomy Department के प्रारंभ से अब तक लगभग 1100 नागरिकों ने देहदान का संकल्प लिया है। साथ ही अब तक 114 पार्थिव शरीर प्राप्त हो चुके हैं। नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और मीडिया की सक्रिय भागीदारी से यह कार्य सफलतापूर्वक चल रहा है।
मेडिकल छात्रों ने दानदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों की भावनाओं को उजागर करने वाली एक नाटिका प्रदर्शित की- विश्व शरीर रचना दिवस पर हुए कार्यक्रम में मेडिकल छात्रों ने दानदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों की भावनाओं को उजागर करने वाली एक नाटिका प्रदर्शित की। साथ ही दान दाताओं को समर्पित कविताएं भी सुनाई।
Published on:
16 Oct 2022 08:34 am
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