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एम्स भोपाल में प्लाक ब्रेकीथैरेपी से होगा आंखों के कैंसर का इलाज

आज से शुरू होगी लीनियर एक्सीलरेटर की सुविधा, कैंसर मरीजों की होगी अत्याधुनिक जांच-अत्याधुनिक इलाज की सुविधा देने वाला देश का दूसरा सरकारी अस्पताल होगा एम्स

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एम्स भोपाल में प्लाक ब्रेकीथैरेपी से होगा आंखों के कैंसर का इलाज

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भोपाल.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल में जल्द ही आंखों के कैंसर का उपचार प्लाक ब्रेकीथैरेपी तकनीक से संभव होगा। इसके लिए जर्मनी से ब्रेकीथैरेपी मशीन मंगवाई गई है, जो जनवरी तक आ जाएंगी। इस तकनीक से इलाज शुरू होने के बाद एम्स, भोपाल एम्स, दिल्ली के दूसरा ऐसा अस्पताल होगा, जहां यह अत्याधुनिक सुविधा मरीजों को मिलेगी। इस मशीन की कीमत करीब 19 करोड़ रुपए है। एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. सरमन सिंह ने बताया कि प्लाक ब्रेकीथेरेपी के लिए सर्जरी कर आंख की ऊपरी परत पर दो से चार दिन के लिए अस्थायी तौर पर प्लाक लगाया जाता है, जो बटन की तरह होता है। यह प्लाक रेडियो एक्टिव होता है, जिससे धीरे-धीरे रेडिएशन निकलता है। वह रेडिएशन मरीज की आंखों में मौजूद कैंसर के ट्यूमर को खत्म कर देता है। बाद में उसे वापस निकाल लिया जाता है। यह तकनीक मरीजों की आंख की रोशनी बचाने में मददगार है।
आज से शुरू होगा लीनियर एक्सीलरेटर

एम्स भोपाल में कैंसर मरीजों की रेडियोथैरेपी की सुविधा बुधवार से शुरू होगी। अभी इसे ट्रायल के तौर पर चालू किया जा रहा है। एम्स प्रबंधन के मुताबिक सुबह 10 बजे पहले मरीज की जांच की जाएगी। मालूम हो कि राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने मंडला में नि:शुल्क जांच शिविर का आयोजन कराया था। इस शिविर में एक मरीज को कैंसर की शिकायत के चलते एम्स भोपाल रैफर किया गया। यहां कैंसर की जांच ना होने की जानकारी जब तन्खा के पास पहुंची तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों से बात कर रेडियोथैरेपी की सुविधा शुरू कराने की बात कही थी। एम्स प्रबंधन का कहना है कि मशीन को चालू करने के लिए भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से लाइसेंस मिल गया है।

80 फीसदी सस्ती थैरेपी

निजी संस्थानों में लीनियर एक्सीलरेटर से रेडियोथैरेपी के लिए 1.50 से 2 लाख रुपए देने पड़ते हैं, जबकि इस मशीन से यह थैरेपी करने के लिए करीब 30 हजार रुपए के आसपास लिए जाएंगे। यह बाजार दर से करीब 80 प्रतिशत सस्ता है। हालांकि अभी इस थैरेपी के लिए निश्चित शुल्क तय नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार यह चार्ज दिल्ली एम्स और पीजीआई चंड़ीगढ़ की दरों के आसपास होगा।