
Harsha Richhariya: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल होने वाली मध्यप्रदेश की हर्षा रिछारिया ने वीडियो जारी करते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ 2025 से शुरू हुई कहानी अब खत्म हो रही है। मैं अब अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाऊंगी। मैं सीता नहीं हूं...जो अग्निपरीक्षा दूं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। न चोरी की, न कोई अनैतिक कार्य किया, न किसी के साथ अन्याय किया। बता दें कि, प्रयागराज माघ मेले में भी हर्षा रिछारिया गई हैं।
हर्षा रिछारिया ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि जय श्री राम। एक साल में मैंने बहुत ज्यादा विरोध का सामना किया। यह विरोध प्रयागराज से शुरू हुआ। मुझे लगा था कि महाकुंभ होने के बाद यह सब खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने धर्म के रास्ते पर चलने की कोशिश की। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। न चोरी की, न कोई अनैतिक कार्य किया, न किसी के साथ अन्याय किया। फिर भी, जब-जब मैंने धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रयास किया, मुझे बार-बार रोका गया, मेरा मनोबल तोड़ा गया।
हर्षा ने कहा कि लोगों को लगा था कि धर्मा को धंधा बनाकर करोड़ो कमा रही हूं। मगर, ऐसा नहीं है। जो भी धर्म को धंधा बनाकर करोड़ों कम रहे हैं। उनके बीच आज मैं कर्ज में डूबी हूं। मुझे अपने एकरिंग प्रोफेशन पर गर्व था। मैं गर्व के साथ कह सकती हूं कि मैं अपना काम बहुत अच्छे से कर रही थी और उसमें खुश थी।
आगे हर्षा ने कहा कि पहले मैं ज्यादा पैसा कमा रही थी, लेकिन यहां आने के बाद मेरे पास सिर्फ उधारी रह गई और कुछ भी नहीं बचा। दुख तो इस बात का है। आज मेरे साथ कोई खड़ा नहीं है। ये सब मैं इसलिए कह रही हूं, क्योंकि पिछले एक साल में मैंने जो करने की कोशिश की। सबने मेरा विरोध किया। माघ मेले में भी मेरे साथ ऐसा ही हुआ। मैंने तो ऐसा कुछ किया भी नहीं है। जिससे मेरा विरोध किया जाए, लेकिन हमारे देश में किसी लड़की का विरोध करना, उसका मनोबल तोड़ना और चरित्र पर सवाल उठाना बहुत आसान है। तब तो वह टूटेगी ही, तो भाई आप अपना धर्म अपने पास रखिए। मैं कोई मां सीता नहीं हूं कि अग्नि परीक्षा दूंगी।
हर्षा ने पुराने काम पर लौटने की बात करते हुए कहा कि पिछले एक साल में जितनी परीक्षाएं देनी थीं। मैनें दे दी है। अब बहुत हो गया। इस मौनी अमावस्या पर, माघ मेले में मैं स्नान करूंगी और स्नान के साथ धर्म के मार्ग पर चलने का जो भी संकल्प लिया था। उसे पूर्ण विराम दूंगी। मैं वापस अपने पुराने काम में लौटूंगी। वह काम जिसमें न कोई विरोध था, न ही चरित्र पर आक्षेप। मुझसे कोई युवा या कोई बहन कहेगी कि उसे धर्म से जुड़ना है। धर्म के रास्ते पर चलना है। तो मैं यही कहूंगी कि अपने परिवार के साथ जुड़कर रहो। अपने घर के मंदिर में पूजा करो। इसके अलावा किसी के पीछे मत जाओ।
Published on:
13 Jan 2026 08:39 pm
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