
भोपाल. जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी जांच के लिए रोजाना 80 से ज्यादा मरीज परेशान होते हैं। इसमें से 40 फीसदी मरीज तो ऐसे हैं जिन्हें जांच के लिए अगले दिन आकर सुबह से नए सिरे
से कतार में खड़ा होना पड़ता है। यह स्थिति इसलिए बन रही है क्योंकि रेडियोलॉजिस्ट के तीनों पद खाली पड़े हुए हैं। सोमवार को हाल यह रहा कि सुबह 11:45 तक एक भी जांच नहीं हुई।
जिसके चलते सुबह 8 बजे जांच के लिए आए मरीज और सोनोग्राफी कक्ष के बहार बैठे कर्मचारियों के बीच झड़प होने लगी। मामला इस कदर बिगड़ा कि सिविल सर्जन खुद मामले को शांत
कराने के लिए पहुंचे।
बॉन्डेड डॉक्टर के भरोसे मरीजों की जांच
बीते एक सप्ताह से डॉ. केपी यादव छुट्टी पर हैं। ऐसे में 80 मरीजों का भार अकेले बॉन्डेड डॉक्टर पर है। यही वजह है कि अस्पताल में तीन मशीनें होने के बाद भी इस्तेमाल सिर्फ एक हो रही
है।
रेडियोलॉजिस्ट के तीनों पद खाली
अस्पताल में तीन रेडियोलॉजिस्ट पद हैं। यह सभी पद खाली पड़े हुए हैं। एक साल पहले डॉ. आर के गुप्ता और डॉ. नितिन पटेल दो रेडियोलॉजिस्ट थे। ऐसे में रोजाना 100 सोनोग्राफी जांचे होती
थी। मगर डॉ. गुप्ता ने वीआरएस ले लिया और डॉ. पटेल राजगढ़ जिला अस्पताल के सिविल सर्जन बन गए। इसके बाद से संविदा पर पदस्थ डॉ. के पी यादव और एक बॉन्डेड डॉक्टर पर पूरी
जिम्मेदारी है।
मरीज बोले - शनिवार की डेट मिली थी, मगर सोमवार को भी चार घंटे लाइन में लगे
21 वर्षीय प्रकाश यादव बिशन खेड़ी से बीते सप्ताह बुधवार को पेट में दर्द के चलते इलाज के लिए आए थे। डॉक्टर ने उन्हें सोनोग्राफी जांच कराने की सलाह दी थी। मगर जांच के लिए 350
रुपए चुकाने के बाद उन्हें शनिवार की डेट दी गई। वे शनिवार को अस्पताल पहुंचे तो नंबर आने से पहले ही जांच बंद हो गई। वे सोमवार को सुबह 9 बजे पहुंचे तो 5 घंटे बाद जांच हो सकी।
इसी तरह गौतम नगर से इलाज के लिए आई 42 साल की सरोजनी देवी भी जांच के लिए 4 घंटे इंतजार करने को मजबूर रहीं।
इनका कहना यह
अस्पताल में सोनोग्राफी जांच लगातार जारी है। सोमवार को भी जो मरीज आए हमने सबकी जांच कराई है। सुबह के समय भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए समय ज्यादा लगता है।
-डॉ. राकेश श्रीवास्तव, सिविल सर्जन, जेपी अस्पताल
Published on:
09 Oct 2023 10:01 pm
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