
All updates on tiger deaths in MP are now on the website
Tiger- मध्यप्रदेश वन एवं वन्यजीव संपदा की दृष्टि से देश का अग्रणी प्रदेश है। प्रदेश का करीब एक-तिहाई क्षेत्र वन से आच्छादित है। यहां देश में सर्वाधिक बाघ, तेंदुआ, वल्चर एवं घड़ियाल पाए जाते हैं। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट के रूप में दुनियाभर में जाना जाता है। प्रदेश में वन विभाग बाघों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश में प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक कारणों से होने वाली बाघ मृत्यु की प्रत्येक घटना पर पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। अब इसके अंतर्गत पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बाघ मृत्यु संबंधी अपडेट अब वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
मध्यप्रदेश की समृद्ध जैव-विविधता इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। प्रदेश में वर्तमान में 26 वन्यजीव अभयारण्य, 11 राष्ट्रीय उद्यान एवं 9 टाइगर रिजर्व संचालित हैं। केन्द्र सरकार द्वारा कराए गए वर्ष 2022 के बाघ आकलन के अनुसार देश में कुल 3682 बाघ हैं, जिनमें से सर्वाधिक 785 बाघ (एक वर्ष से अधिक आयु के) मध्यप्रदेश में पाए गए हैं।
अधिक संख्या में बाघ होने के कारण प्राकृतिक मृत्यु स्वाभाविक है। ऐसे में वन विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि मानव-निर्मित कारणों से होने वाली घटनाएं न्यूनतम रहें। ऐसी कोई घटना सामने आती है तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाती है। प्राकृतिक एवं अप्राकृतिक कारणों से होने वाली बाघ मृत्यु की प्रत्येक घटना पर केंद्र सरकार के राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (नई दिल्ली) तथा मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप विधिवत कार्रवाई की जाती है।
संरक्षण प्रयासों में और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए वन विभाग ने वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 (15 फरवरी तक) में घटित सभी बाघ मृत्यु प्रकरणों से संबंधित जानकारी आमजन की जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। भविष्य में भी इस जानकारी को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा।
Updated on:
23 Feb 2026 07:45 pm
Published on:
23 Feb 2026 07:44 pm
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