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अब एंबुलेंस के साथ हेलीकॉप्टर से भी मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाएगा, केंद्रीय मंत्री की बड़ी घोषणा

जल्द ही इमरजेंसी में मरीज या घायल को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। ये ऐलान खुद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया है।

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अब एंबुलेंस के साथ हेलीकॉप्टर से भी मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाएगा, केंद्रीय मंत्री की बड़ी घोषणा

मध्य प्रदेश समेत देशभर में अब तक सड़क हादसों के घायलों या किसी अन्य इमरजेंसी के मौके पर एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता है। लेकिन जल्द ही किसी भी इमरजेंसी में मरीज या घायल को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। ये ऐलान खुद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया है। हालांकि, देश में सबसे पहली इमरजेंसी हेलीकॉप्टर सेवा उत्तराखंड राज्य से शुरु की जाएगी। जबकि अगले चरण में इसे देश के अन्य राज्यों में भी शुरु किया जाएगा। बता दें कि, इसी से मिले जुले अभियान के तहत मध्य प्रदेश में किसी आपात स्थिति में ड्रोन से मेडिसिन ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था शुरु की गई है। इसके तहत भोपाल एम्स से ड्रोन की सहायता से मेडिसिन रायसेन पहुंचाई गई थी।

इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी करते हुए बताया है कि 'देश की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) उत्तराखंड से शुरु की जा रही है। इसके लिए सबसे पहला हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश को दिया जाएगा।' सिंधिया ने आगे बताया कि 'अगर 150 किलोमीटर की क्षेत्र में अगर कोई दुर्घटना होती है तो उस व्यक्ति को तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। हेलीकॉप्टर का अभी असेम्ब्लिंग कर सर्टिफिकेशन किया जा रहा है। यह मेरे डैशबोर्ड पर है।'

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कई बार ट्रैफिक जाम में फंसकर चली जाती है घायलों की जान

दरअसल कई बार ऐसा देखा गया है कि कोई शख्स सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाता है तो उसे फौरन इलाज की जरुरत रहती है। लेकिन ट्रैफिक की वजह से एंबुलेंस मरीज को लेकर कई बार समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाती, जिसकी वजह से कई बार घायल की मौत तक हो जाती है। इसी समस्या को देखते हुए उन लोगों के लिए यह सेवा शुरू की गई है। हालांकि, अब तक ये सुविधा सिर्फ निजी तौर पर वीआईपी केटेगिरी को ही मुहैय्या हो पाती है, लेकिन केंद्रीय मंत्री सिंधिया के आदेश पर जल्द ही इसे सामान्य नागरिकों के लिए भी शुरु किया जाएगा। वहीं, उम्मीद ये भी की जा रही है कि पहले चरण में उत्तराखंड में इसे शुरु करने के बाद जल्द ही मध्य प्रदेश समेत भारत के अन्य राज्यों में भी ये सुविधा शुरु होगी।