
भोपाल. प्रदेश के सर्वाधिक वायु प्रदूषित शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए एक्शन प्लान तेयार होगा। संभागायुक्त की अध्यक्षता बाली कमेटी हर पंद्रह दिन में मॉनीटरिंग करेंगी। नॉन एटेनमेंट श्रेणी में शामिल भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, सागर और देवास में वायु प्रदूषण कम करने के लिए 12 से विभाग मिलकर काम करेंगे।
इन शहरों को संसाधन जुटाने के लिए अतिरिक्त राशि दी जाएगी।वायु प्रदूषण के लिए करीब एक दर्जन कारकों को जिम्मेदार माना गया है। इनमें पराली जलाना, अनाज की थ्रेसिंग, खराब सड़कें, पुराने बाहनों से कार्बन उत्सर्जन, सड़कों पर झाड़ू लगाना, निर्माण कार्य सहित अन्य शामिल हैं।
इस तरह के प्रयास
नगर निगमों को मशीन से झाड़ू लगाने, पानी के छिड़काव के बाद झाड़ू लगाने के लिए कहा गया है। लोक निर्माण विभाग या अन्य सड़क निर्माण एजेंसी खराब सड़कें दुरुस्त करेंगी। वाहनों में प्रदूषण के मानकों की जांच करने और पुराने वाहनों को हटाने की कार्रवाई हो रही है।
बोर्ड को बनाया तकनीकी एजेंसी
केंद्र सरकार ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर को वायु प्रदूषण काम करने के लिए 300 करोड़ रुपए दिए हैं। तकनीकी एजेंसी मप्र प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को बनाया है। इन शहरों को औसत वायु प्रदूषण को घटाना होगा। नगरीय निकायों को यह काम तीन से चार साल के अंदर करना है।
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औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष नजर
शहरों और आसपास स्थापित ऑद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की विशेष नजर रहेगी। बताया जाता है बड़े उद्योगों ने प्रदूषण रोकने संयंत्र लगाया है, लेकिन सहायक उद्योग प्रदूषण फेला रहे हैं। अब छोटेउद्योगों के वायु प्रदूषण पर भी नजर रखी जाएगी।
Published on:
14 Sept 2021 10:07 am

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