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100 साल पहले आबाद थी ये बस्ती, पर मोहनजोदड़ो की तरह ऐसे तबाह हुई..

देवबड़ला में करीब 100 साल पहले तक बस्ती आबाद थी, लेकिन किसी प्राकृतिक घटना के कारण मंदिर ध्वस्त हो गए

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Anwar Khan

Sep 30, 2016

ancient bhopal

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भोपाल। मध्यप्रदेश का इतिहास काफी प्राचीन है और यहां हजारों साल पुरानी विरासत आज भी संजो कर रखी गई हैं। यहां ऐसे भी कई प्राचीन बस्तियां हैं जो कभी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की तरह काफी उन्नत थीं, पर आज इनका नामोनिशान नहीं बचा है। कुछ महीने पहले ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर एक ऐसे एतिहासिक स्थल की खोज की थी, जहां कभी बस्ती हुआ करती थी, आज यहां कुछ नहीं बचा है। आइए जानते हैं इस बस्ती के बारे में...




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800 साल पुराने मंदिर
भोपाल-इंदौर राजमार्ग पर मेहतवाड़ा से बायीं ओर सात किमी दूर स्थित देवबड़ला नामक स्थान पर राज्य पुरातत्व विभाग को 11 वीं व 12 वीं शताब्दी के परमार शैली के सात मंदिर और दुर्लभ प्रतिमाएं मिली हंै। इस इलाके के वन व पर्वतीय क्षेत्र में मंदिरों और अनेक प्रतिमाओं के अवशेष बिखरे पड़े हैं। यहां पांच हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों का समूह है जबकि दो जैन मंदिर हैं।
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प्राकृतिक घटना में तबाह हुई
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार देवबड़ला में करीब 100 साल पहले तक बस्ती आबाद थी, लेकिन किसी प्राकृतिक घटना के कारण मंदिर ध्वस्त हो गए और यहां की आबादी पलायन कर गई। यहां 20 से अधिक स्थलों पर शैल चित्र भी प्राप्त हुए हैं। ऐतिहासिक काल में यह क्षेत्र मौर्य साम्राज्य के अंतगज़्त था। भोपाल से करीब 115 किमी दूर प्राचीन मंदिरों में पहला मंदिर ऊपरी पहाड़ी परहै। जो शिव मंदिर है। इसके ठीक ऊपर नवीन मंदिर है। यह भूमिज शैली एवं चतुरस्त्र प्रकार का प्रतीत होता है। तीसरा मंदिर 10 मीटर की दूरी पर स्थित है। केंद्र में चौथा मंदिर भव्य है। पांचवां मंदिर कुंड के नजदीक स्थित है।

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