
विधायक हेमंत कटारे पर फिर एक ओर केस हुआ दर्ज, जानिये क्या है मामला
भोपाल। पत्रकारिता विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगने के बाद सुर्खियों में आए विधायक हेमंत कटारे के खिलाफ गोविंदपुरा पुलिस ने अस्पताल कर्मचारियों को धमकी, अपराधिक नीयत से विधि विरुद्ध हुजूम बनाकर जमा होना, रास्ता रोकना समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले में हेमंत के साथ उनके भाई योगेश कटारे, त्रिलोकी कटारे समेत 20-25 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है। फिलहाल, किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। गोविंदपुरा थाना प्रभारी सतेन्द्र सिंह भदौरिया ने बताया कि आइएसबीटी के पास संचालित पॉलीवाल अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. जेपी पालीवाल की शिकायत पर कटारे बंधुओं समेत अन्य पर अपराध दर्ज किया है।
सीसीटीवी कैमरे से आरोपियों की शिनाख्त
पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से अज्ञात आरोपियों की शिनाख्त कर रही है। पुलिस ने अभी तीन लोगों की शिनाख्त कर चुकी है। विधायक कटारे पर आरोप है कि वे शुक्रवार दोपहर पालीवाल अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की केबिन में धमकाने की नियति से पहुंचे। इससे पहले उनके भाई योगेश कटारे अपने 20-25 गुर्गों के साथ अस्पताल को दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा था।
यह था मामला
शुक्रवार को अस्पताल के किराए को लेकर योगेश कटारे अपने 20-25 गुंडों को लेकर पालीवाल अस्पताल को बंधक बना लिया था। डाक्टर, कर्मचारियों को धमकाते हुए मरीजों को इलाज से रोक दिया था। वहीं, मरीजों को रोकने पेट्रोल से भरे दो टैंकर अस्पताल के गेट पर अड़ा दिए थे।
करीब दो घंटे तक कटारे के गुंडों ने अस्पताल को बंधक बनाकर रखा। इस दौरान कई मरीजों का उपचार नहीं हो सका। वहीं, अधिकतर मरीजों को अस्पताल के बाहर से लौटना पड़ा। घटना के दौरान अस्पताल में करीब 35 मरीज एडमिट थे, जिनमें 15 का आइसीयू में उपचार चल रहा है।
आइसीयू, एक्सरे, सोनोग्राफी रूम कराया बंद
पालीवाल का आरोप है कि कटारे के लोग आइसीयू, एक्सरे कक्ष, सोनोग्राफी, पैथोलॉजी लैब समेत अन्य कक्ष में बैठ गए। वहां से कर्मचारियों को बाहर भगा दिया। कर्मचारियों को धमकी दी गई कि अस्पताल में अब दिखे तो ठीक नहीं होगा।
किराए को लेकर विवाद
जिस भवन में अस्पताल संचालित है, वह कटारे परिवार की है। डॉ. पालीवाल ने बताया कि अगस्त 2015 से अगस्त 2018 तक बिल्डिंग उन्होंने 14 लाख रुपए हर माह के किराए पर ली थी। इसका 48 लाख रुपए एडवांस जमा है। पालीवाल ने बताया कि पिछले पांच माह से किराया नहीं दिया है। इस पर कटारे ने उन्हें 2.11 करोड़ रुपए की रिकवरी नोटिस दिया था। जबकि उन्होंने कटारे से मिलकर बोला था कि एडवांस की रकम से किराया काट लें। अगले माह से किराया देंगे। हर माह की 7 तारीख को किराया देना था, लेकिन 6 को ही कटारे के लोग आ धमके।
Published on:
07 Jul 2018 09:09 pm

