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रिसर्च: ज्यादा चिंता करेंगे, तनाव लेंगे तो सड़ जाएंगे आपके दांत

  Anxiety and stress : चिंता और तनाव से मानसिक ही नहीं दांतों की सेहत पर भी होता है दुष्प्रभाव

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Anxiety and stress

Anxiety and stress

Anxiety and stress : अत्यधिक चिंता और तनाव मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव डालता है। यही नहीं यह दांतों व मुंह संबंधी बीमारियों का भी कारण हो सकता है। एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि तनाव में रहने वाले व्यक्तियों में लार कम बनती है। इसके कारण अक्सर मुंह सूख जाता है। जिससे मुंह और दांत दोनों का स्वास्थ्य खराब होने लगता है।

शोध में दावा किया गया है कि तनाव से मुंह में छाले होने लगते हैं। जो लोग ज्यादा तनाव में रहते हैं उन्हें छाले की समस्या भी ज्यादा होती है। इसके अलावा सफेद या भूरे रंग के छोटे धब्बे मुंह के अंदर दिखाई देते हैं। इन्हें भी तनाव से जोड़ा गया है। यह नासूर घाव दस दिनों में ठीक होते हैं। फिर नए घाव हो जाते हैं।

रिसर्च के मुताबिक लार दांतों व मसूड़ों में चिपके खाने के अंश को धुलने का कार्य करती है। जब मुंह में कम लार बनती है तो दांतों में यह लंबे समय तक चिपके रहते हैं। जिससे दांतों में सड़न पैदा होती है। आगे चल कर इससे जीभ, होंठ, मसूड़ों समेत मुंह के अंदर के अन्य हिस्सों में जलन होने लगती है।

500 लोगों पर शोध

ताजा रिपोर्ट जर्नल बायोइंफॉर्मेशन में छपी है। इसमें बताया गया है कि देश के अलग अलग हिस्सों में 500 लोगों पर लंबे समय तक ओरल हेल्थ पर शोध किया गया। जिसमें पाया गया कि जो लोग लंबे समय से तनाव की चपेट में थे, उनकी ओरल हेल्थ खराब थी।

सलाइवा दांतों और मुंह को साफ रखने का काम करता है। जब यह प्रक्रिया नहीं होती है तो संक्रमण फैलता है। तनाव ग्रस्त लोगों के अलावा कई दवाओं के सेवन पर भी लार कम बनने की समस्या होती है। लोगों को शुरूआती लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।- डॉ. नीलिमा सोनी, दंत रोग विशेषज्ञ, जेपी अस्पताल