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अरुण यादव बोले- मैंने प्रदेश संगठन को मजबूत करने का काम किया

राहुल से मुलाकात में फूटा दर्द

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arun yadav

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए गए अरुण यादव का सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात के वक्त दर्द फूट पड़ा। बोले- मैंने तो संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया, लेकिन अचानक जिम्मेदारी बदल दी गई। उनका लक्ष्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना था। वे इस लक्ष्य के लिए काम करते रहेंगे। दोनों के बीच करीब 45 मिनट की एकांत चर्चा के बाद अरुण की नाराजगी दूर हुई। इससे पहले रविवार को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल से चर्चा की थी।

व्यवस्था बदलाव से सिंधिया भी नाखुश बताए जा रहे थे। क्योंकि, वे प्रदेश की काम चाहते थे। बदलाव से नाराज अरुण यादव ने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में यहां तक कह दिया था वे वे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। कमलनाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद सिंधिया ने न तो कोई ट्वीट किया था और न शुभकामनाएं दी थीं। हालांकि, वे लगातार ट्विटर पर सक्रिय रहे। अन्य मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रियाएं आती रहीं। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया की रविवार को राहुल से चर्चा हुई। वे जनाक्रोश रैली के दौरान साथ रहे।

एआइसीसी में मिलेगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि अरुण यादव को एआइसीसी में जनरल सेक्रेटरी बनाया जा सकता है। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने जो काम किया है, उनका यह सम्मान होगा। साथ ही ओबीसी नेता होने के वोट बैंक साधने का प्रयास भी है।

कमलनाथ भी मिले राहुल से

प्रदेश कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष कमलनाथ ने भी सोमवार को राहुल गांधी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक कलनाथ ने राहुल से प्रदेश में नई टीम के गठन को लेकर चर्चा की। टीम में शामिल किए जाने वाले चेहरों पर मंथन हुआ।

ठाकरे ट्रस्ट को जमीन आवंटन पर आपत्ति

भोपाल में राज्य सरकार ने कुशाभाउ ठाकरे प्रशिक्षण संस्थान को बावडिय़ा कला में जमीन आवंटित करने का फिर से प्रयास शुरू किया है। संस्थान को 20 एकड़ जमीन दी जाना है। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आपत्ति की है। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी टीटी नगर वृत्त को भेजी लिखित आपत्ति में कहा है कि इस संस्थान को पूर्व में जमीन आवंटित की गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है।

पूर्व में आवंटन निरस्त हो चुका है तो दोबारा प्रक्रिया शुरू करना गलत है। अनुविभागीय अधिकारी ने जमीन आवंटित करने को लेकर इस्तहार जारी कर आपत्तियां आमंत्रित की थीं। इसी कड़ी में दिग्विजय सिंह ने यह आपत्ति दर्ज कराई है। उनकी ओर से एडवोकेट अजय गुप्ता ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है।