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AK के प्रोग्राम के लिए चंदा मांग रही ‘आप’, नोटबंदी पर करेंगे हमला

आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से फंड जुटाने के लिए सोशल मीडिया का रास्ता अख्तियार किया है। पार्टी नेताओं ने मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 2018 में चुनाव लड़ने की बात कही है।

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gaurav nauriyal

Dec 13, 2016

arvind kejriwal

arvind kejriwal

भोपाल. सोमवार देर रात से आज सुबह 10 बजे तक ट्विटर पर आप (आम आदमी पार्टी) की कैंपेन ट्रेंड करती रही। दिलचस्प बात ये है कि इस कैंपेन में 'आप' के ट्विटर हैंडल के जरिए पार्टी समर्थकों से चंदे की बात कही गई है। इतना ही नहीं यूजर्स ने शिवराज सरकार को लेकर भी कई ट्वीट किए।

आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर से फंड जुटाने के लिए सोशल मीडिया का रास्ता अख्तियार किया है। पार्टी नेताओं ने मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 2018 में चुनाव लड़ने की बात कही है। इसके साथ ही पार्टी के ट्विटर हैंडल पर कहा गया है कि 2018 का एमपी इलेक्शन 'देश' और 'आप' के लिए बेहद क्रुसियल रहने वाला है। इसी के साथ पार्टी ने इसे देश के लिए टर्निंग प्वाइंट बताते हुए #Donate2AapMP हैशटैग रन किया है।

चंदा मांगते ही सक्रिय हुए विरोधी
ट्विटर पर आप के चंदा मांगते ही कुछ यूजर्स ने उन्हें 'चंदा' न देने की अपील करते हुए #DoNotDonate2AapMP हैशटैग लिखा। ऐसे कुछेक लोगों का आरोप था कि 'आप' कन्हैया कुमार का समर्थन करती है, लिहाज़ा 'आप' पार्टी की मदद नहीं की जानी चाहिए।

शिवराज पर भी साधा निशाना
कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर चल रही इस कैंपेन का समर्थन करते हुए शिवराज सरकार की नाकामियों का जिक्र किया है। एक यूजर बलप्रीत सिंह गिल ने लिखा है- मध्यप्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के पास कितने रिसोर्सेज हैं, ये आप लोग जानते ही हैं। हमें साफ़-सुथरी राजनीति के लिए 'क्लीन मनी' की जरुरत है।

aap against demonetization

दिल्ली की हालत ख़राब है, अभी आया नहीं फंड
इस कैंपेन के को-ऑर्डिनेटर मुकेश उपाध्याय से हमारी इस मुहिम को लेकर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि इस तरह से फंड रेजिंग का मेरा ये पहला अनुभव है। फंड रेजिंग के लिए सोमवार रात से ही कैंपेन चालू की गई। जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी की मध्यप्रदेश इकाई को दिल्ली से भी फंड मिलता है? इस पर उन्होंने कहा- दिल्ली की हालत ख़राब है।


साढ़े पांच करोड़ वोटर, 35 हजार कार्यकर्ता
मध्यप्रदेश में तकरीबन साढे पांच करोड़ वोटर्स हैं। इनमें से आधे से भी ज्यादा कांग्रेस और भाजपा का पारंपरिक वोटबैंक है। आप की ही यदि बात की जाए तो पूरे प्रदेश में मौजूद 60 हजार से भी ज्यादा बूथों के सापेक्ष पार्टी के पास महज 35-36 हजार कार्यकर्ता ही हैं। ऐसे में पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के अलावा ही फंड भी इकठ्ठा कर रही है।

20 को आएंगे केजरीवाल
आप के मुखिया अरविन्द केजरीवाल 20 दिसम्बर को भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जनता को भी संबोधित करेंगे। करौंद स्थित दशहरा मैदान में होने वाली इस रैली में पार्टी 5 से 7 हजार के करीब लोगों के जुटने की उम्मीद लगा रही है। पार्टी की प्रवक्ता नेहा बग्गा का कहना है कि केजरीवाल जनता के सामने नोटबंदी समेत मध्यप्रदेश सरकार के घोटालों को लेकर अपनी बात रखेंगे। खैर, फिलहाल तो पार्टी कार्यकर्ताओं की मानें तो 'चंदा' बिना पार्टी का 'धंधा' मंदा ही चल रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि फंड रेजिंग जैसे पारंपरिक तरीके से ही पार्टी अपना कामकाज चलाएगी।

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