
lord shiva
भोपाल। हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत ही अधिक महत्व है। किसी भी कार्य, परेशानी या कोई भी समस्या हो तो सबसे पहले भगवान को याद किया जाता है जिसके लिए न जाने कितने हवन, पूजा-पाठ करते है जिससे कि घर में सुख- शांति आए। हम भगवान की पूजा तो सच्चे मन से करते है, लेकिन उसका फल आपको इच्छानुसार नही मिलता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हम क्या नहीं करते है। जिससे कि उनकी कृपा आप पर हमेशा बनी रहे, लेकिन हमारी जरा सी गलती हम पर अधिक भारी पड़ सकती है, क्योंकि अगर भगवान की पूजा में कोई गलत तरीके से पूजा कि तो उसका फल हमारे लिए हानिकारक हो सकता है।अगर शिव हम पर नाराज हो गए तो आपके परिवार के साथ-साथ आपको आर्थिक तंगी से जूझना भी पड़ सकता है। अगर आप सच्चे मन से भगवान की पूजा के लिए एक लोटा जल ही चढ़ाते है तो वह उसी से खुश हो जाएंगे और अपनी कृपा आप पर बनाए रखेंगे।
सोमवार भगवान शिव की आराधना का खास दिन होता है। सभी देवों में शिव ही ऐसे देव हैं जो अपने भक्तों की भक्ति-पूजा से बहुत जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव भोले को आदि और अनंत माना गया है जो पृथ्वी से लेकर आकाश और जल से लेकर अग्नि हर तत्व में विराजमान हैं। भोपाल शहर के पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि शिव पूजा में बहुत सी ऐसी चीजें अर्पित की जाती हैं जो अन्य किसी देवता को नहीं चढ़ाई जाती। शिव पूजा में कई ऐसी चीजें होती हैं जो आपकी पूजा का फल देने की बजाय आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं। जानिए कौन सी हैं वे चीजें.....
1. हल्दी: हल्दी खानपान का स्वाद तो बढ़ाती है साथ ही धार्मिक कार्यों में भी हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है। हल्दी उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधन में किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है, इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती।
2. फूल: शिव को कनेर और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं हैं। शिव को केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है।
3. कुमकुम या रोली: शास्त्रों के अनुसार शिव जी को कुमकुम और रोली नहीं लगाई जाती है।
4. शिव पूजा में वर्जित है शंख: शंख भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय हैं लेकिन शिव जी ने शंखचूर नामक असुर का वध किया था इसलिए शंख भगवान शिव की पूजा में वर्जित माना गया है।
5. नारियल पानी: नारियल पानी से भगवान शवि का अभिषेक नहीं करना चाहिए क्योंकि नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है इसलिए सभी शुभ कार्य में नारियल का प्रसाद के तौर पर ग्रहण किया जाता है। लेकिन शवि पर अर्पित होने के बाद नारियल पानी ग्रहण योग्य नहीं रह जाता है।
6. तुलसी दल: तुलसी का पत्ता भी भगवान शवि को नहीं चढ़ाना चाहिए। इस संदर्भ में असुर राज जलंधर की कथा है जिसकी पत्नि वृंदा तुलसी का पौधा बन गई थी। शिव जी ने जलंधर का वध किया था इसलिए वृंदा ने भगवान शिव की पूजा में तुलसी के पत्तों का प्रयोग न करने की बात कही थी।
ये है खास 10 चीजें, जिनसे खुश होते हैं शिव जी
1. मंत्रों का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से हमारा स्वभाव शांत होता है। आचरण अच्छा होता है।
2. शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है।
3. दूध अपिज़्त करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है।
4. दही चढ़ाने से हमारा स्वभाव गंभीर होता है।
5. शिवलिंग पर घी अपिज़्त करने से हमारी शक्ति बढ़ती है।
6. ईत्र से स्नान करवाने से विचार पवित्र होते हैं।
7. शिवजी को चंदन चढ़ाने से हमारा व्यक्तित्व आकर्षक होता है। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है।
8. केशर अर्पित करने से हमें सौम्यता प्राप्त होती है।
9. भांग चढ़ाने से हमारे विकार और बुराइयां दूर होती हैं।
10. शकर चढ़ाने से सुख और समृद्धि बढ़ती है।
पूजन में इस मंत्र का जप करें
मन्दारमालांकलितालकायै कपालमालांकितशेखराय।
दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नम: शिवायै च नम: शिवाय।।
Published on:
07 Apr 2018 12:42 pm

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