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अधिकारियों ने किया सांची दुग्ध संघ के टैंकरों की जांच

राजधानी भोपाल स्थित सांची दुग्ध ऑफिस में चल रही जांच

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भोपाल

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Amit Mishra

Jan 07, 2020

सांची दुग्ध संघ के टैंकरों की जांच चल रही है

सांची दुग्ध संघ के टैंकरों की जांच चल रही है

भोपाल @प्रवेंद्र तोमर की रिपोर्ट...
दूध के टैंकरों में मिलावट की शिकायतें लगातार आने के बाद आज राजधानी भोपाल स्थित सांची दुग्ध परिसर में सुबह से सांची दुग्ध संघ के टैंकरों की जांच चल रही है। जांच में दुग्ध संघ के टैंकरों में कमियां मिली है या नहीं इसकी अभी तक जानकारी नहीं हो सकी है। जांच अधिकारियों का कहना है कि सभी दुग्ध संघ के टैंकरों की आज सुबह से जांच की जा रही है। अगर किसी भी दुग्ध संघ के टैंकरों में कोई भी कमी मिलती है तो संबधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ढक्कन से बाहर जमा दूध रिसने लगा
गौरतलब है कि क्राइम बांच ने 14 दिसंबर को एक दुध का टैंकर पकडा था। दुध के टैंकर में इतनी यूरिया की मिलावट की गई थी कि इससे बनी गैस से टैंकर के बंद ढक्कन से बाहर जमा दूध रिसने लगा था। टैंकर गैस का चैम्बर बन गया था, आस-पास बदबू और दुर्गंध भी फैल रही थी। इसे हटाने के लिए क्राइम ब्रांच और खाद्य सुरक्षा विभाग ने नगर निगम को छह पत्र भी लिखे। लेकिन जब टैंकर से खुद ही जमा हुआ बूदबूदार दूध रिसने लगा तब अमला हरकत में आया। दूध में बैक्टीरिया बनने के कारण ये और ज्यादा घातक हो गया था। इसे आदमपुर खंती में 3 जनवरी को गड्ढा कर नष्ट किया गया।

रिपोर्ट में बड़ी मात्रा में यूरिया की पुष्टि
इस टैंकर क्राइम बांच ने 14 दिसंबर को पकड़ कर खड़ा किया था। अगर मिलावटी दूध का ये टैंकर क्राइम ब्रांच की पकड़ में नहीं आता तो यूरिया मिला ये दूध सप्लाई भी किया जाता। टैंकर में 20750 लीटर दूध था जिसे 40 किलो यूरिया मिलाकर तैयार किया गया था।

पकड़े गए टैंकर में यूरिया मिलावट की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। जब्ती के दौरान 40 किलो यूरिया की मिलावट से तैयार किया गया 20750 हजार लीटर दूध टैंकर में था। ये दूध किडनी, लिवर और अन्य तरह की बीमारीकारक भी है।

ढक्कन से रिसने लगा
डॉक्टरों के अनुसार भी इस तरह का मिलावटी दूध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे पेट में संक्रमण के साथ अन्य समस्याएं हो सकती हैं। यूरिया की मिलावट से दूध काफी बुरी तरह जम गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बीएस धाकड़ ने बताया कि यूरिया की मिलावट से दूध में गैस बन गई और इतने दिन खड़े रहने के बाद उसका दबाव इतना बढ़ गया कि वो ढक्कन से रिसने लगा।

ये दूध स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है
नगर निगम की टीम बुलाकर तुड़वाई सील टैंकर से रिस रहे दूध की जानकारी मिलने के बाद जब अमला मौके पर पहुंचा तो उसकी स्थिति देखकर किसी की भी उसे खोलने की हिम्मत नहीं हुई।

बदबू फैल गई थी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेंद्र नुनईया ने नगर निगम अधिकारियों को फोन कर अमला बुलाया। क्राइम ब्रांच से चाबी मिली और उसके बाद टैंकर की बैटरी बदलकर उसे आदमपुर साइट पर ले जाकर खाली कर दिया। फैलाने के दौरान भी काफी बदबू फैल गई थी।