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RBI की नई गाइड लाइन जारी, अब CEO की कुर्सी पर नहीं बैठ पाएंगे बाबू

वर्तमान में 38 जिला बैंकों में से 17 बैंकों में सीईओ का पद खाली है, जिसमें प्रभारी काम कर रहे हैं....

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RBI

भोपाल। जिला सहकारी बैंकों में अब मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की कुर्सी पर बाबू नहीं बैठ पाएंगे। सीईओ के पद पर योग्य कर्मचारी की नियुक्ति करने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) ने नई गाइडलाइन जारी कर इसके पालन की अनिवार्यता कर दी है। सीईओ वही अधिकारी बन पाएगा, जिसके पास 8 वर्ष के बैंकिंग अनुभव के साथ पीजी की डिग्री होगी। वर्तमान में 38 जिला बैंकों में से 17 बैंकों में सीईओ का पद खाली है, जिसमें प्रभारी काम कर रहे हैं।

आवेदन की अंतिम तारीख 25 फरवरी

आरबीआइ की सख्ती के चलते अपेक्स बैंक सीईओ के पदों सहित 139 बैंकिंग पदों की भर्ती कर रहा है। इसकी परीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सलेक्शन के जरिए होगी । आवेदन के लिए 25 फरवरी अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। परीक्षा के बाद इनके इंटरव्यू भी होंगे, मेरिट के आधार पर नियुक्ति की जाएगी। सीईओ की सेवाएं 70 वर्ष तक ली जा सकेंगी।

12 पदों पर नियुक्त होंगे सीईओ

बताया जाता है कि सरकार पहले बैंकों में सीईओ की भर्ती संविदा नियुक्ति के आधार पर करने पर विचार कर रही थी, लेकिन बैंक अधिकारियों की राय के बाद प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। अब सीधी भर्ती की जा रही है। फिलहाल 12 पदों पर सीईओ नियुक्त होंगे। कैडर के पदों पर नियुक्ति नहीं होगी, लेकिन आरबीआइ की गाइडलाइन का पालन करना जरूरी होगा।

322 कर्जदारों की संपत्ति करेगी नीलाम

स्थानीय जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित होशंगाबाद नोडल शाखा हरदा के माध्यम से जिले के 540 लोगों ने विभिन्न कामों के लिए सालों पहले लाखों रुपए का ऋण लिया था। लेकिन आज तक इसका चुकता नहीं करने पर यह राशि करोड़ों में बकाया हो गई है। बैंक ने इनमें से 322 बकायादारों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर ली है। बैंक ने लोगों को ऋण जमा करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। यदि कर्जदारों द्वारा समय-सीमा में ऋण का चुकता नहीं किया तो बैंक उनकी संपत्ति की नीलामी करके वसूली करेगी। जिले की 52 सहकारी समितियों पर करोड़ों बकाया है।