
भोपाल. भले ही राजधानी दोनों डोज में सौ फीसदी वैक्सीनेशन के करीब पहुंच गई हो लेकिन टीकाकरण को लेकर लोगों में अब भी कई भ्रांतियां हैं। लोगों में सबसे आम सोच वैक्सीन के बाद बुखार को गलत मानना भी है। यही कारण है कि लोग डॉक्टर से सलाह लिए बिना और बिना बुखार के ही दवा ले रहे हैं। अब बच्चों के वैक्सीनेशन के दौरान भी कई सेंटर्स पर बच्चों को बुखार न आने के लिए पैरासीटामोल दवा देने के मामले सामने आए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बिना बुखार बच्चों को पैरासीटामोल या कोई भी दवा देना सही नहीं है। इससे प्रतिकूल असर हो सकता है।
गौरतलब है कि 15 से 18 साल के आयु वर्ग के बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान 3 जनवरी से शुरू हो गया है। फिलहाल इस उम्र वालों को को वैक्सीन लगाई जा रही है। को वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने भी इस मामले पर ट्वीट कर कहा कि को वैक्सीन लगवाने के बाद पैरासिटामोल या पेन किलर का इस्तेमाल जरूरी नहीं है। कंपनी का कहना है कि अन्य वैक्सीन के लिए पैरासीटामोल लेने की सिफारिश की गई है, लेकिन कोवैक्सीन के लिए नहीं है। यही बात स्पेशलिस्ट भी कह रहे हैं।
बच्चों के लिवर पर हो सकता है असर
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आकाश खुराना बताते हैं कि वैैक्सीनेशन के बाद बच्चों को पैरासीटामोल टेबलेट देने से बचना चाहिए। इससे बच्चों के लिवर पर असर पड़ सकता है। हालांकि अब तक वैक्सीनेशन और पैरासीटामोल के मेल से शरीर पर कितना प्रभाव होगा इसकी जानकारी नहीं है।
वयस्क के लिए की गई पेनकिलर की सिफारिश
आपको बता दें कि 28 दिसंबर 2020 को केन्द्र सरकार द्वार जारी वैक्सीनेशन गाइडलाइन में वैक्सीनेशन के बाद पैरासीटामोल लेने की सलाह दी गई थी। हालांकि यह 18 वर्ष के ऊपर की उम्र के वयस्कों के लिए थी। वयस्कों के लिए कोवैक्सीन के साथ कोवीशील्ड और स्पूतनिक उपलब्ध हैं।
श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. लोकेन्द्र दवे बताते हैं कि बच्चों को कोई भी दवा देने के पहले डॉक्टरी परामर्श जरूरी है। वैक्सीनेशन के बाद थोड़ा बुखार आ रहा है तो इसका मतलब वैक्सीन बेहतर तरीके से काम कर रही है। कई बार ज्यादा मात्रा में दी गई दवा बच्चों को नुकसान करती है। वैक्सीन के पहले तो दवा देना ठीक नहीं है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. उपेन्द्र दुबे के अनुसार हम भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही टीकाकरण कर रहे हैं। उसके कहीं नहीं लिखा की वैक्सीनेशन के बाद पैरासीटामोल या अन्य कोई दवा देना जरूरी है। हर सेंटर पर ऑब्जर्वेशन रूम होता है, अगर बच्चों को कोई दिक्कत होती है तो वहां डॉक्टर भी मौजूद होता है। लेकिन अब किसी बच्चे को बुखार या अन्य साइड इफेक्ट की जानकारी नहीं मिली है।
Published on:
09 Jan 2022 11:36 am
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