
bada talab
भोपाल. 361 वर्ग किमी में फैले बड़े तालाब को बचाने जिला प्रशासन ने 943 मुनारों की लोकेशन अक्षांश और देशांतर के आधार पर सर्च कर सैटेलाइट इमेज से मैप तैयार कर लिया है। इसमें लाल रंग से बड़ा तालाब और पीले से एफटीएल दर्शाया है। दावा है कि अब तालाब या एफटीएल में अतिक्रमण करेगा तो चिह्नित हो जाएगा। नगर निगम ने वर्ष 2016 में सर्वे किया था, लेकिन पहली बार सैटेलाइट इमेज में लेकर राजस्व नक्शे पर तालाब की सरहद तय की गई है। सैटेलाइट इमेज को गूगल पर उपलब्ध कराया जा रहा है। बड़ा तालाब में मुनारें तोड़कर कब्जा करने की पत्रिका की मुहिम के बाद जिला प्रशासन ने बैरागढ़ सर्किल में जांच कर एफटीएल के अंदर बने निर्माणों को तोड़ा। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने एसडीएम बैरागढ़, हुजूर, शहर सर्किल और टीटी नगर से मुनारों की जांच कराई। 943 मुनारों में से 110 मुनारों से आगे पानी मिला है। इसकी एक और इमेज से तैयार कराई जा रही है।
45 नाले मिल रहे हैं बड़ा तालाब में
बडे तालाब में 45 छोटे-बड़े नाले मिलते हैं। इन्हें रोकने कोहेफिजा के पास 5 एमएलडी, जमुनिया छीर के पास 3.5 एमएलडी, सूरज नगर में 2 एमएलडी तथा नीलबड़ में कोल्हूखेड़ी के पास 6 एमएलडी एसटीपी का निर्माण हो रहा है।
361 अतिक्रमण, फिर भी तोड़े मात्र 14
जिला प्रशासन ने खानूगांव, बोरवन, बेहटा, वन ट्री हिल्स, टीटी नगर सर्किल के गोरागांव में 361 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। इसमें से मात्र 14 को तोड़ा है। इनमें मैरिज गार्डन, फार्म हाउस भी हैं, जो 2016 के सर्वे में चिह्नित किए जा चुके हैं।
अनुमति पड़ती है भारी
बड़ा तालाब के अंदर कैचमेंट में नगर निगम की तरफ से कच्ची बाउंड्री की अनुमति जारी की जाती है। इस परमिशन की आड़ में लोग पक्के निर्माण कर रहे हैं। अधिकारी भी मॉनीटरिंग में लापरवाही करते हैं। इस कारण कब्जे बढ़ते जाते हैं। अगर इस अनुमति पर ही रोक लग जाए तो बड़ा तालाब में घुसपैठ खत्म हो सकती है।ं
लाल से ताल तो पीले से एफटीएल
-अक्षांश और देशांतर से मुनारों की लोकेशन पता करने पर मुनारों से छेड़छाड़ करना संभव नहीं होगा। अगर कोई मुनार हटाई गई तो वो सैटेलाइट इमेज पर दिखेगी।
-50 मीटर एफटीएल दायरे में कच्ची बाउंड्री की आड़ में मैरिज गार्डन, फॉर्म हाउस, गोदाम बनाने वाले पकड़ में आ जाएंगे।
-एसटीपी कहां-कहां बने हैं, वो भी अलग से दिखेंगे। अगर कोई दीवार खड़ी की गई तो वो भी सैटेलाइट पर अलग से दिखेगी।
बड़ा तालाब की सैटेलाइट इमेज के बाद अब कोई मुनारों से छेड़छाड़ या कब्जे जीपीएस से पकड़ में आ जाएंगे। सैटेलाइट इमेज जनता देख सकेगी। पुराने कब्जों को भी जल्द हटाया जाएगा।
तरुण पिथोड़े, कलेक्टर
Published on:
04 Nov 2019 04:04 am
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