
खाते से रूपये उड़ाने का ऐसा तरीका कभी नहीं सुना होगा आपने, चंद सेकंड और अकाउंट हो जाता है खाली
भोपाल/ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी सिम मुहैय्या कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भांडाफोड़ किया है। गिरोह से जुड़े सात सदस्यों को दबोच भी लिया है, इनमें से एक नाबालिग है। आरोपियों से फर्जी वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, इस्तेमाल की हुई सिम, प्रिंटर, मोबाइल फोन, बीसी मशीन और पेटीएम किट बरामद की गई है। सायबर पुरलिस के मुताबिक, गिरोह के तार उन सायबर अपराधियों से जुड़े हैं, जो लोगों के खातों से पैसे साफ कर देते हैं।
पुलिस ने अलग अलग शहरों पर दबोचे आरोपी
साइबर सेल भोपाल को कुछ दिन पहले शिकायत मिली थी कि, उनके साथ 80 हज़ार रुपये का फ्रॉड हुआ है। तभी से पुलिस द्वारा आरोपियों की घेराबंदी शुरु कर दी गई थी।एक के बाद एक कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने प्रदेश के अलग अलग शहरों से आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी ऐप के ज़रिए फर्जी आइडेंटिटी कार्ड बनाते थे। उससे सिम खरीदते थे। इनके पास से पुलिस ने फर्जी आईडेंटिटी की लगभग 600 सिम भी बरामद कीं। आरोपियों का काम ये था कि, वो सिम बनाकर ठग गिरोह को कुछ रुपयों के बदले मुहैय्या कराते थे और फिर ठग आम लोगों को केवाईसी अपडेट करने के नाम पर ठगते थे।
एक बार में कर लेते थे दो सिम कार्ड जारी
ए.एस.पी संदेश जैन ने बताया कि, पकड़े गए आरोपियों में से एक मोबाइल सिम रिटेलर है, जो सिम देने से पहले ग्राहकों से एक ही समय में पेपर्स पर दो बार अंगूठा लगवा लेते थे, ऐसा करने से ये एक ही व्यक्ति के नाम से दो सिम एक्टिवेट कर देते थे। इसके बाद एक सिम ग्राहक को दे देता था और दूसरी सिम अपने पास रख लेता था। दूसरी पर अगले ग्राहक के आधार कार्ड और अंगूठा का उपयोग कर एयरटेल मनी अकाउंट एक्टीवेट करवा कर दूसरे आरोपी कौशल सिंह को बेच देता था।
इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस गिरफ्त में आए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि, फर्जी सिम दिल्ली और अन्य राज्यों में सायबर फ्रॉड्स को मुहैय्या कराते थे। हर फर्जी सिम और फर्जी मनी अकाउंट के बदले इन्हें 500 रुपए मिलते थे। आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप (फ्रॉड केवाइसी, फ्रॉड मनी, फ्रॉड एयरटेल मनी) बना रखे थे। इन ग्रुपों की मदद से ही ये देश के अलग अलग राज्यों में फैले सायबर क्राइम से जुड़े अपराधियों से जुड़े रहते थे। जिन अपराधियों को फर्जी आई.डी.या केवाईसी/सिम/वॉलेट चाहिए होता, वो इनसे संपर्क कर लेता। फेक आई.डी. मेकर एप्लीकेशन के ज़रिए ये अपनी फोटो का उपयोग कर फर्जी आधार और वोटर कार्ड बनाकर उस पर फर्जी सिम तैयार कर सिम एक्टिवेट कर लेते थे। आरोपी टेलिकॉम कंपनी के वेरिफिकेशन सर्विस का उपयोग कर सिम एक्टिवेट कर बेच देते थे।
ये सामान आरोपियों से बरामद
आरोपी इतने शातिर हैं कि, खुद की फोटो पर ही ये अब तक सैकड़ों सिमें बेच चुके थे। इनके कब्ज़े से कुल 537 एक्टिवेटड सिम ज़ब्त की गई हैं। इसके अलावा, आरोपियों से 800 फर्जी वोटर आईडी कार्ड, 125 फर्जी आधार कार्ड, 800 इस्तेमाल सिम, 1 प्रिंटर, 12 मोबाइल फोन, 01 बीसी मशीन, 8 पेटीएम किट जब्त किये गए हैं।
Published on:
27 Aug 2020 02:54 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
