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BU से बीएड-एमएड करने जा रहे हैं तो पढ़ लें यह खबर, हो सकता है जीरो ईयर

एनसीईआरटी से नहीं मिली मंजूरी, शिक्षण सत्र 2019-20 के बाद नए सत्र के लिए जारी कवायद बंद

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BU से बीएड-एमएड करने जा रहे हैं तो पढ़ लें यह खबर, हो सकता है जीरो ईयर

भोपाल. एनसीईआरटी ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय को अगले शिक्षण सत्र में भी बीएड-एमएड पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति नहीं दी है। बीयू प्रशासन ने चालू सत्र में संबद्धता छिनने के बाद एनसीईआरटी को विद्यार्थियों की सुविधाओं का हवाला देकर नए सत्र से संबद्धता जारी रखने की अपील की थी। एनसीईआरटी ने तर्क दिया है कि जब विवि परिसर में बीएड और एमएड पाठ्यक्रम पढ़ाने वाली नियमित फैकल्टी की कमी है। संविदा नियुक्तियों पर न्यायालय की ओर से रोक लगी हुई है तो विद्यार्थियों को विवि प्रशासन वैसे भी सुविधाएं नहीं दे सकेगा। नया शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले कुलपति आरजे राव ने एक बार फिर इस मामले में प्रस्ताव भेजकर भौतिक सत्यापन कराने की बात कही है। बीयू प्रशासन चाहता है कि एनसीईआरटी की टीम आकर विवि परिसर का भौतिक निरीक्षण कर तैयारियों और इंतजामों का जायजा लेकर तसल्ली कर ले ताकि बीएड और एमएड के लिए नए सत्र में जीरो ईयर घोषित करने से बचा जा सके।

नैक ग्रेडिंग पर पड़ेगा असर
बीयू प्रशासन इस बार नैक ग्रेडिंग सुधारने प्रयासरत है। ऐसे में बीएड और एमएड पाठ्यक्रम की मान्यता छिन जाने से नेक ग्रेडिंग में मिलने वाले अंकों में कटौती होना तय माना जा रहा है। इस बार नेक ग्रेडिंग सात बिंदुओं पर होना है जिनमें पाठ्क्रम को भी शामिल किया गया है। कोर्स में कटौती होने का सीधा असर नेक ग्रेडिंग पर पड़ेगा।

200 से ज्यादा कॉलेजों पर असर
बीयू से वर्तमान में प्रदेश के 200 से ज्यादा कॉलेज संबद्धता लेकर संचालित हो रहे हैं। पाठ्यक्रम की मान्यता छिनने से ये कॉलेज भी इन कोर्स में विद्यार्थियों को दाखिले नहीं दे सकेंगे। साफ है। इसका असर हजारों की संख्या में विद्यार्थियों पर पड़ेगा।