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पानी पूरी के पानी में मिला घातक हरा रंग, टिक्की का आलू भी बासी

पानी पूरी के पानी में मिला घातक हरा रंग, टिक्की का आलू भी बासी

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पानी पूरी के पानी में मिला घातक हरा रंग, टिक्की का आलू भी बासी

भोपाल. आप पानी पूरी खाने के शौकीन हैं तो संभल जाइए, क्योंकि पानी पूरी का जायका आपकी सेहत पर भारी पड़ रहा है। शहर में पानी पूरी बेचने वाले धनिया और पुदीना की जगह घातक हरा रंग मिलाकर इसे सुर्ख कर रहे हैं। इतना ही नहीं कई दिन के बासी आलू और टिक्की भी लोगों को परोसी जा रही है। खिलाने का तरीका भी इतना अनहाईजीनिक है कि इससे भी बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है।

दरअसल, फूड एंड सेफ्टी कमिश्नर के निर्देश पर एक माह पूर्व शहर के चार क्षेत्र न्यू मार्केट, भेल क्षेत्र, बिट्टन और एमपी नगर से पानी पूरी के सेम्पल लिए गए थे। जांच के लिए इन्हें लैब में भेजा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र वर्मा के अनुसार चार में से तीन सेम्पल फेल हैं। इन तीनों सेम्पल के पानी में खतरनाक हरा रंग मिला हुआ था। आलू भी बासी निकले। गंदे हाथों से पूरी खिला रहे थे।

पानी को खट्टा करने के लिए इमली और नींबू की जगह टाटरी का उपयोग किया जा रहा है। एमपी नगर से लिया गया सेम्पल पास हुआ है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में इन दिनों ठेल लगाने वालों की संख्या तीन से चार हजार के बीच है। इनकी माह में एक बार भी जांच हो जाए तो कुछ हद तक स्थिति संभाली जा सकती है।

हरे रंग और टाटरी से ये है नुकसान

रासायनिक घातक हरा रंग और टाटरी के अधिक मात्रा में सेवन से लिवर, आंत में गंभीर बीमारी हो सकती है। बासी आलू फूड पॉइजनिंग का शिकार बनाता है। गंदे हाथों से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। कम फ्राईवाला गोलगप्पा भी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। दुकानों पर ये गोलगप्पे रखने पर सील जाते हैं।

कराई गई है जांच

फूड सेफ्टी कमिश्नर के यहां से निर्देश आने के बाद पानी पूरी की जांच कराई गई है, गर्मी में इसकी खपत बढ़ जाती है। आगे और जांच कराई जाएगी।
- श्वेता पंवार, डीओ और संयुक्त कलेक्टर

दो दिन में हमीदिया में डायरिया और पीलिया के 250 मरीज पहुंचे

नगर निगम घरों में दूषित पानी सप्लाई कर रहा है। इसी का नतीजा है कि दो दिनों में ही हमीदिया अस्पताल में डायरिया और पेट की बीमारियों से पीडि़त 250 से ज्यादा मरीज पहुंच चुके हैं। जेपी अस्पताल की ओपीडी में भी इसके मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को जेपी अस्पताल में 1852 मरीज इलाज कराने पहुंचे।

इसमें से 265 डायरिया, गर्मी और पेट से संबंधित थे। डॉक्टर पानी उबालकर पीने की सलाह दे रहे हैं। जेपी अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा खोत ने बताया कि इस मौसम में बच्चों को पानी उबाल कर पिलाएं। दस्त लगे तो बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाते रहें।