
NEW YEAR 2025
New Year 2025 : नये साल(New Year 2025) का स्वागत हर कोई अपने-अपने तरीके से करता है। यदि आप भोपाल में रहते हैं तो शहर के नजदीक स्थित कठोतिया, नरसिंहगढ़, उदयगिरि और सरू-मारू आदि जगहों पर जाइए। यहां पर प्राकृतिक सौंदर्य, मनोहर वातावरण और रमणीय संसाधन उपलब्ध हैं। एक दिन की छुट्टी में इन स्थानों को घूमा जा सकता है। यहां पर पर्यटन के लिहाज से जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पर भीड़भाड़ कम होती है और कम समय में पहुंचा जा सकता है।
विदिशा के पास उदयगिरि की गुफाएं हैं। यह गुफाएं 5वीं शताब्दी के शुरुआती दौर की हैं, जिन्हें चट्टानों को काटकर बनाया गया है। इन गुफाओं में हिंदू धर्म से जुड़े कई धार्मिक चिह्न देखने को मिलते हैं। गुफाओं में मिले शिलालेखों से पता चलता है कि इनका निर्माण गुप्तकालीन राजाओं ने कराया था।
कठोतिया घने जंगलों के बीच में स्थित है, जो 65 से अधिक शैलाश्रयों से युक्त है, जिनमें से कुछ दस हजार साल पुराने हैं। यहां पर सुंदर विविध वनक्षेत्र, पारंपरिक भोजन, शैल चित्र और नवाबी शिकारगाह आदि खास है।
भोपाल से 80-90 किमी दूर नरसिंहगढ़ का किला अपने अंदर कई राज समाए हुए है। यहीं चिड़ी खो वन्यजीव अभ्यारण्य भी है। वहीं श्याम जी शाखा मंदिर है, सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है।
सरू-मारू बेहद प्राचीन मठ परिसर है, जिसमें बौद्ध धर्म से संबंधित चिह्न देखने को मिलते हैं। यह जगह सीहोर जिले की बुधनी तहसील के पंगोरिया गांव में है। यहां सम्राट अशोक का पांचवां शिलालेख है। कई जल प्रपात भी हैं। इस गांव के जंगल में कुछ आदिवासी झोपड़ियां भी हैं।
Updated on:
29 Dec 2024 11:45 am
Published on:
29 Dec 2024 11:45 am
